Edited By meena, Updated: 20 Apr, 2026 05:42 PM

छत्तीसगढ़ कांग्रेस में आपसी फूट और अंतर्कलह थमने का नाम नहीं ले रही। राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर पार्टी में फूट अब सार्वजनिक तौर पर खुलकर दिखने लगी है। दरअसल, हाल ही में छत्तीसगढ़ युवा कांग्रेस...
रायपुर : छत्तीसगढ़ कांग्रेस में आपसी फूट और अंतर्कलह थमने का नाम नहीं ले रही। राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर पार्टी में फूट अब सार्वजनिक तौर पर खुलकर दिखने लगी है। दरअसल, हाल ही में छत्तीसगढ़ युवा कांग्रेस ने 7 विधानसभा अध्यक्षों की सूची जारी की। लेकिन भारी विरोध के चलते सूची जारी होने के कुछ घंटों बाद ही इसे रद्द करना पड़ा।
जानकारी के मुताबिक, कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी अमित पठानिया ने हाल ही में जारी की गई विधानसभा अध्यक्षों की सूची को रद्द कर दिया है। इस सूची को जारी करने से पहले तीन विधानसभा के अध्यक्षों का एप्रूवल नहीं लिया गया था। वहीं युवक कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष आकाश शर्मा के मुताबिक, सभी विधानसभा अध्यक्षों की सूची एक साथ जारी की जानी थी। इसलिए 7 विधानसभा अध्यक्षों वाली सूची को रद्द कर दिया गया है। जल्दी ही सभी जिलों की सूची एक साथ जारी की जाएगी। जिसमें किसी प्रकार का कोई विवाद नहीं है।
BJP विधायक सुनील सोनी ने कसा तंज
वहीं कांग्रेस की इस फूट को लेकर भाजपा हमलावर हो गई है। विधायक सुनील सोनी ने तंज कसते हुए कहा कि प्रदेश में कांग्रेस का अस्तित्व नहीं रह गया। कांग्रेस कई गुटों में बंटी हुई है। कांग्रेस में जब वरिष्ठ नेताओं की इच्छा के हिसाब से नेता नहीं नियुक्त किए जाते तो दबाव डालकर सूची को रद्द करवा दिया जाता है। ये कोई पहला मामला नहीं है इससे पहले भी जिला अध्यक्ष, ब्लॉक अध्यक्ष मंडल अध्यक्ष और बूथ अध्यक्षों की सूची जारी होने के बाद रद्द की जा चुकी है।