Edited By Vandana Khosla, Updated: 11 Apr, 2026 03:54 PM

भोपालः इंदौर में कांग्रेस की एक महिला पार्षद द्वारा राष्ट्र गीत 'वंदे मातरम्' गाने से इनकार करने के मुद्दा राजनीति में गरमाया हुआ है। इसी बीच मुख्यमंत्री मोहन यादव का बड़ा बयान सामने आया है। जिसमें उन्होंने 'वंदे मातरम' विवाद पर कांग्रेस की चुप्पी...
भोपालः इंदौर में कांग्रेस की एक महिला पार्षद द्वारा राष्ट्र गीत 'वंदे मातरम्' गाने से इनकार करने के मुद्दा राजनीति में गरमाया हुआ है। इसी बीच मुख्यमंत्री मोहन यादव का बड़ा बयान सामने आया है। जिसमें उन्होंने 'वंदे मातरम' विवाद पर कांग्रेस की चुप्पी को लेकर नाराजगी व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पटवारी जो हर मामले पर बोलते हैं, वह अब इस पर क्यों नहीं बोल रहे। कहा कि अगर कांग्रेस मामले में कोई कार्रवाई नहीं कर सकती तो प्रमुख विपक्षी पार्टी की प्रदेश इकाई के सभी पदाधिकारियों को इस्तीफा दे देना चाहिए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी को इस्तीफ देना चाहिए।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि बड़े दुर्भाग्य के साथ कहना पड़ रहा है कि कांग्रेस की पार्षद ने नगर निगम में वंदे मातरम् गाने से इनकार किया और बड़ी बेशर्मी के साथ कहा कि मैं नहीं गाऊंगी। यह कांग्रेस का चरित्र बता रहा है। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी से इस मामले में स्पष्टीकरण देने की मांग की और कहा कि उन्हें बताना चाहिए कि विपक्षी पार्टी इस तरह के लोगों को प्रोत्साहित क्यों करती है। सीएम ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पटवारी जो हर मामले पर बोलते हैं, वह अब इस पर क्यों नहीं बोल रहे। उन्होंने सवाल किया, ''कांग्रेस की पार्षद की टिप्पणी पर उनका क्या कहना है? अगर इस पर पटवारी और कांग्रेस नेता कोई कार्रवाई नहीं कर पाते तो सभी को इस्तीफा दे देना चाहिए।''
यादव ने कहा, ''हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 'वंदे मातरम्' के छह छंदों को लेकर पूरे देश का दिल जीत चुके हैं। लेकिन, कांग्रेस अपने दोहरे चरित्र से बाहर नहीं आ पा रही। कांग्रेस ने आजादी के पहले से 'वंदे मातरम्' पर बखेड़ा खड़ा किया। उनकी सरकार ने पांच छंदों को ही गायब कर दिया था।'' इस मामले के तूल पकड़ने के बाद कांग्रेस पार्षद ने इंदौर में संवाददाताओं से कहा कि उनका मजहब इस्लाम उन्हें 'वंदे मातरम्' गाने की इजाजत नहीं देता। उन्होंने कहा कि उन्हें एक नागरिक के तौर पर संविधान के तहत पूरी धार्मिक आजादी हासिल है और कोई भी व्यक्ति उन्हें 'वंदे मातरम्' गाने के लिए मजबूर नहीं कर सकता।