Edited By Vikas Tiwari, Updated: 31 Mar, 2026 02:32 PM

मध्यप्रदेश-उत्तर प्रदेश सहयोग सम्मेलन के तहत मुख्यमंत्री Mohan Yadav 31 मार्च को Varanasi पहुंचे, जहां उन्होंने बाबा Kashi Vishwanath Temple के दर्शन कर प्रदेश और देश की समृद्धि की कामना की।
भोपाल: मध्यप्रदेश-उत्तर प्रदेश सहयोग सम्मेलन के तहत मुख्यमंत्री Mohan Yadav 31 मार्च को Varanasi पहुंचे, जहां उन्होंने बाबा Kashi Vishwanath Temple के दर्शन कर प्रदेश और देश की समृद्धि की कामना की।

वाराणसी पहुंचने पर उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’, राकेश सचान और गिरीश यादव सहित स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने उनका स्वागत किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का भ्रमण कर भीड़ प्रबंधन, इंफ्रास्ट्रक्चर और तीर्थयात्री सुविधाओं का गहन अवलोकन किया। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में धार्मिक नगरियों का स्वरूप तेजी से बदला है और इसका सीधा लाभ आम लोगों के जीवन स्तर पर दिख रहा है। उन्होंने कॉरिडोर की व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि इसी तरह की व्यवस्थाएं मध्यप्रदेश के धार्मिक आयोजनों, विशेषकर सिंहस्थ में लागू की जाएंगी।
उन्होंने कहा कि यह दौरा केवल दर्शन का नहीं, बल्कि व्यवस्थाओं को समझने और उन्हें प्रदेश में लागू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश के बीच धार्मिक पर्यटन, लघु उद्योग और निवेश के क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने ओडीओपी (वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट) योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश ने इस दिशा में बेहतर कार्य किया है और मध्यप्रदेश भी चंदेरी, महेश्वरी साड़ी सहित स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए कार्य कर रहा है।
उन्होंने कहा कि दोनों राज्य मिलकर रोजगार सृजन, उत्पादों की ब्रांडिंग और पर्यटन विकास के क्षेत्र में समन्वय स्थापित करेंगे। साथ ही, केन-बेतवा लिंक परियोजना और सोलर प्रोजेक्ट्स जैसे बड़े कार्यों में भी साझेदारी को आगे बढ़ाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब समय प्रतिस्पर्धा का नहीं, बल्कि सहयोग का है। दोनों राज्य मिलकर विकास की नई इबारत लिखेंगे और आमजन के जीवन स्तर को बेहतर बनाने की दिशा में कार्य करेंगे।