Edited By meena, Updated: 11 Apr, 2026 03:24 PM

कांग्रेस में राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर चल रही अंदरूनी खींचतान अब खुलकर सामने आने लगी है। जिले में वार्ड अध्यक्षों की नियुक्तियों को लेकर पिछले कुछ दिनों से जमकर बवाव...
रायपुर : कांग्रेस में राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर चल रही अंदरूनी खींचतान अब खुलकर सामने आने लगी है। जिले में वार्ड अध्यक्षों की नियुक्तियों को लेकर पिछले कुछ दिनों से जमकर बवाव देखने को मिला। विरोध के बाद आखिरकार शहर कांग्रेस अध्यक्ष श्रीकुमार शंकर मेनन द्वारा की गई इन नियुक्तियों को कांग्रेस कमेटी ने निरस्त करने के आदेश जारी किए हैं। इसमें चौकाने वाला खुलासा यह है कि पीसीसी ने स्पष्ट कहा है कि यह नियुक्तियां बिना सहमति से जारी की गई है। जिसके चलते इस सूची को अवैधानिक माना गया है। मामले में एक और बात सामने आई है कि नियुक्तियों में कई सीनियर नेताओं को अनदेखा किया गया और अपने पसंदीदा नेताओं को एडजस्ट करने की कोशिश की गई है।
क्या है पूरा मामला
जानकारी के मुताबिक कांग्रेस शहर अध्यक्ष श्रीकुमार शंकर मेनन 66 वार्डों में अध्यक्षों की नियुक्तियां की थी जिसे हाईकमान ने सूची जारी होने के कुछ घंटों के भीतर ही निरस्त कर दिया। पीसीसी चीफ द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि शहर अध्यक्ष द्वारा बिना पीसीसी के अनुमोदन के सूची जारी की गई थी, जिसे तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जा रहा है। वहीं इस संबंध में शहर कांग्रेस अध्यक्ष मेनन का कहना है कि ये शहर अध्यक्ष का अधिकार है। कांग्रेस के भीतर चल रहे इस अलगाव को लेकर एक नई चर्चा छिड़ना तय है। वहीं सत्ताधारी भाजपा को बैठे बिठाए नया मुद्दा मिल गया है।