Edited By meena, Updated: 30 Apr, 2026 04:33 PM

मध्य प्रदेश में आगामी पंचायत और नगरीय निकाय चुनावों को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी ने अपनी संगठनात्मक तैयारियां तेज कर दी हैं। चुनावों में अभी लगभग एक साल का समय है, लेकिन पार्टी ने अभी से जमीनी स्तर पर पकड़ मजबूत करने...
भोपाल : मध्य प्रदेश में आगामी पंचायत और नगरीय निकाय चुनावों को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी ने अपनी संगठनात्मक तैयारियां तेज कर दी हैं। चुनावों में अभी लगभग एक साल का समय है, लेकिन पार्टी ने अभी से जमीनी स्तर पर पकड़ मजबूत करने की रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने संकेत दिए हैं कि जल्द ही प्रदेश कार्यसमिति का गठन किया जा सकता है।
भाजपा की आगामी महत्वपूर्ण बैठक मध्य प्रदेश के ऐतिहासिक शहर ओरछा में आयोजित की जाएगी। इस बैठक को लेकर पार्टी ने पहले ही घोषणा कर दी है और स्थानीय नेताओं को तैयारियों की जिम्मेदारी सौंप दी गई है। माना जा रहा है कि कार्यसमिति के गठन के बाद ही इस बैठक का आयोजन किया जाएगा, जिसमें आगामी चुनावी रणनीति पर विस्तार से चर्चा होगी।
इसी बीच पार्टी ने संगठन को और मजबूत करने के लिए मई महीने में पूरे प्रदेश में प्रशिक्षण शिविर आयोजित करने का फैसला किया है। 1 मई से 31 मई तक हर जिले में ये प्रशिक्षण वर्ग चलेंगे, जिनमें 11 अलग-अलग विषयों पर चर्चा की जाएगी। इन शिविरों का उद्देश्य कार्यकर्ताओं को पार्टी की विचारधारा, नीतियों और कार्यप्रणाली से अवगत कराना है।
इन सांसद –विधायक पर होगी सख्त कार्रवाई
क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जमवाल ने इसको लेकर सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि यदि कोई पदाधिकारी या कार्यकर्ता प्रशिक्षण शिविर में शामिल नहीं होता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सांसद और विधायक की अनुपस्थिति को भी गंभीरता से लिया जाएगा। यह कदम पार्टी में अनुशासन और सक्रियता बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बैठक में मौजूद राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश ने कार्यकर्ताओं को संदेश देते हुए कहा कि प्रशिक्षण को बोझ नहीं बल्कि समर्पण का हिस्सा समझना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि सभी लोग पूरी जिम्मेदारी और तैयारी के साथ भाग लेंगे, तो ये प्रशिक्षण शिविर संगठन को और मजबूत बनाएंगे।
सूत्रों के अनुसार, नई कार्यसमिति में कुछ वरिष्ठ नेताओं की वापसी हो सकती है, वहीं 2023 के चुनावों में सक्रिय भूमिका निभाने वाले नेताओं को नई जिम्मेदारियां सौंपी जा सकती हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में भाजपा के भीतर संगठनात्मक हलचल और तेज होने की संभावना है।
कुल मिलाकर, भाजपा मध्य प्रदेश में चुनावों से पहले संगठन को मजबूत करने, कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और रणनीतिक तैयारी को धार देने में जुटी हुई है, जिससे आगामी चुनावों में बेहतर प्रदर्शन सुनिश्चित किया जा सके।