Edited By Himansh sharma, Updated: 02 May, 2026 05:48 PM

मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी पंचायत और नगरीय निकाय चुनावों से पहले संगठनात्मक स्तर पर बड़े बदलाव की तैयारी में जुट गई है।
भोपाल। मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी पंचायत और नगरीय निकाय चुनावों से पहले संगठनात्मक स्तर पर बड़े बदलाव की तैयारी में जुट गई है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, नई प्रदेश कार्यसमिति में करीब 60 प्रतिशत तक नए चेहरे शामिल किए जा सकते हैं, जिससे संगठन को जमीनी स्तर पर और मजबूत किया जा सके। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने हाल ही में संकेत दिए हैं कि प्रदेश कार्यसमिति की घोषणा जल्द की जा सकती है। मंगलवार को हुई पार्टी की अहम बैठक में राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश समेत कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे। इस बैठक में आगामी रणनीतियों और संगठनात्मक पुनर्गठन को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक के दौरान हेमंत खंडेलवाल ने स्पष्ट किया कि यदि राष्ट्रीय नेतृत्व से अनुमति मिलती है तो मई में ही नई कार्यसमिति की घोषणा संभव है। इसके बाद संगठन की आगामी बड़ी बैठक ओरछा में आयोजित की जाएगी।
ओरछा में होगी महत्वपूर्ण बैठक
भाजपा की यह अहम संगठनात्मक बैठक ओरछा में प्रस्तावित है, जिसकी तैयारियां पहले से ही शुरू कर दी गई हैं। पार्टी ने स्थानीय नेताओं को इसके लिए आवश्यक निर्देश भी दे दिए हैं। माना जा रहा है कि कार्यसमिति के गठन के बाद ही इस बैठक को अंतिम रूप दिया जाएगा। क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जमवाल ने भी संकेत दिए हैं कि भाजपा प्रदेशभर में प्रशिक्षण वर्गों की श्रृंखला शुरू करने जा रही है। उन्होंने कहा कि जो पदाधिकारी और कार्यकर्ता इन प्रशिक्षण सत्रों में अनुपस्थित रहेंगे, उनकी जिम्मेदारियों पर पुनर्विचार किया जा सकता है। यहां तक कि विधायकों और सांसदों की उपस्थिति को भी गंभीरता से लिया जाएगा।
मई में पूरे प्रदेश में प्रशिक्षण अभियान
भाजपा 1 मई से 31 मई तक सभी जिलों में प्रशिक्षण शिविर आयोजित कर रही है। इन शिविरों में संगठन, विचारधारा और आगामी चुनावी रणनीति सहित कुल 11 प्रमुख विषयों पर चर्चा की जाएगी। प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल का कहना है कि ये प्रशिक्षण वर्ग संगठन की नींव को मजबूत करते हैं और कार्यकर्ताओं को पार्टी की नीति व विचारधारा से जोड़ने का काम करते हैं। वहीं, अजय जमवाल ने भी कहा कि मध्य प्रदेश का संगठन देशभर में एक मॉडल के रूप में देखा जाता है, इसलिए इसकी मजबूती सर्वोच्च प्राथमिकता है।
पुराने चेहरों की वापसी के संकेत
सूत्रों के अनुसार, नई कार्यसमिति में कुछ वरिष्ठ नेताओं की वापसी भी संभव है। 2023 विधानसभा चुनाव में पराजित हुए कुछ अनुभवी नेताओं को भी संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी जा सकती हैं।पार्टी नेतृत्व के संकेतों के बाद अब प्रदेश भाजपा में संगठनात्मक बदलाव को लेकर हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में यह फेरबदल प्रदेश की राजनीतिक दिशा को भी प्रभावित कर सकता है।