Edited By Himansh sharma, Updated: 13 May, 2026 12:41 PM

मध्यप्रदेश में निगम-मंडलों, बोर्ड, आयोग और प्राधिकरणों में राजनीतिक नियुक्तियों पर फिलहाल ब्रेक लग गया है।
भोपालः मध्यप्रदेश में निगम-मंडलों, बोर्ड, आयोग और प्राधिकरणों में राजनीतिक नियुक्तियों पर फिलहाल ब्रेक लग गया है। करीब 70 नेताओं को एडजस्ट करने के बाद अब भाजपा संगठन ने अगले दौर की नियुक्तियों को कुछ समय के लिए टाल दिया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने साफ संकेत दिए हैं कि अभी “विश्राम” का समय है, आगे फिर नियुक्तियों का दौर शुरू होगा।
दरअसल, मुख्यमंत्री मोहन यादव और भाजपा संगठन ने विधानसभा चुनाव से करीब ढाई साल पहले ही राजनीतिक संतुलन साधने के लिए निगम-मंडलों में नियुक्तियों की शुरुआत की थी। अब तक करीब 70 नेताओं को अलग-अलग पदों पर जिम्मेदारी दी जा चुकी है। लेकिन कई बड़े प्राधिकरण और आयोग अब भी खाली हैं, जिनमें नियुक्तियों को लेकर अंदरखाने मंथन जारी है।
हेमंत खंडेलवाल ने मीडिया से चर्चा में कहा कि पहले विपक्ष और मीडिया सवाल उठा रहे थे कि गठन क्यों नहीं हो रहा, लेकिन अब जब बड़ी संख्या में नियुक्तियां हो चुकी हैं तो कुछ समय का “विश्राम” भी जरूरी है। उनके इस बयान के बाद साफ माना जा रहा है कि फिलहाल नई नियुक्तियों की सूची आने में वक्त लग सकता है।
इधर, मप्र बाल अधिकार संरक्षण आयोग में डॉ. निवेदिता शर्मा को अध्यक्ष बनाए जाने के बाद अब सदस्यों के नाम भी लगभग तय माने जा रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक भाजपा की पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष सीमा सिंह जादौन, सोनम निनामा, अर्चना गुप्ता और अमरवाड़ा से विधानसभा प्रत्याशी रहीं मोनिका बट्टी को सदस्य बनाया जा सकता है। हालांकि अभी आधिकारिक आदेश जारी नहीं हुए हैं।
वहीं भोपाल और इंदौर विकास प्राधिकरणों में नामों को लेकर अब भी सहमति नहीं बन पाई है। ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन विकास प्राधिकरणों में नियुक्तियां हो चुकी हैं, लेकिन भोपाल, इंदौर, खजुराहो और ओरछा समेत कई बड़े प्राधिकरणों में फैसले अटके हुए हैं।
सूत्रों की मानें तो अभी भी निगम, मंडल, बोर्ड और प्राधिकरणों में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्यों के कई पद खाली हैं, जहां आने वाले समय में 150 से ज्यादा नेताओं को एडजस्ट किया जा सकता है। ऐसे में भाजपा के भीतर राजनीतिक नियुक्तियों का अगला दौर कब शुरू होगा, इस पर अब सबकी नजरें टिकी हुई हैं।