Edited By meena, Updated: 26 Mar, 2025 07:39 PM
सिवनी भाजयुमो नेता मयूर दुबे और थाना प्रभारी ओमेश्वर ठाकरे की कॉल रिकॉर्डिंग तेजी से वायरल हो रही है...
सिवनी (काबिज खान) : सिवनी भाजयुमो नेता मयूर दुबे और थाना प्रभारी ओमेश्वर ठाकरे की कॉल रिकॉर्डिंग तेजी से वायरल हो रही है। इस ऑडियो में कथित रूप से गौ तस्करों को संरक्षण देने और हिंदू नेताओं को झूठे मामलों में फंसाने की साजिश की बात सामने आई है। ऑडियो वायरल होने के बाद गौ सेवकों में हड़कंप मचा हुआ है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि क्या वाकई भाजयुमो नेता मयूर दुबे और पुलिस अधिकारी ओमेश्वर ठाकरे हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं को फंसाने की साजिश में शामिल थे? पुलिस और प्रशासन गौ तस्करों के खिलाफ कितनी गंभीरता से कार्रवाई कर रही हैं ?
दरअसल, मामला गौ तस्करी से जुड़ा हुआ है। वर्ष 2024 के जून माह में, स्थानीय जंगलों में 54 गायों के क्षत-विक्षत शव मिलने के बाद बड़े पैमाने पर अशांति फैल गई थी। इस घटना के बाद प्रशासन ने जिला कलेक्टर और एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को हटा दिया था। हाल ही में भाजयुमो नेता मयूर दुबे और टीआई कान्हीवाडा के बीच हुई बातचीत का गौ तस्करी से जुड़ा एक ऑडियो वायरल हुआ है। जिसने न केवल हिंदू संगठनों में बल्कि पूरे क्षेत्र में हलचल मचा दी है।
मयूर दुबे को कथित तौर पर यह कहते हुए सुना जा सकता है “हम पैसे देंगे, सारा खर्च वहन करेंगे… अपने निजी नंबर पर एक व्हाट्सएप संदेश भेजें, गाड़ी कहीं भी नहीं रुकनी चाहिए… यह एडवांस है, बाकी नकद…बाद में, हम उन लोगों को घसीटेंगे और पीटेंगे जिन्होंने आपके या मेरे खिलाफ शिकायत की थी।”
इस क्लिप में पुलिस अधिकारी ओमेश्वर ठाकरे भी कथित रूप से दुबे को यह बताते हुए सुने गए कि विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के वरिष्ठ नेताओं को कुछ व्यक्तियों की संदिग्ध गतिविधियों के बारे में जानकारी दी गई है। इस पूरे मामले को लेकर सिवनी पुलिस प्रशासन की निष्पक्षता पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।