Edited By Desh Raj, Updated: 19 Jun, 2026 08:13 PM

पन्ना जिले में रिश्वत को लेकर एक बड़ी सजा हुई है। इस फैसले से हलचल है। दरअसल गुनौर में तैनात रहे तत्कालीन तहसीलदार रविशंकर शुक्ला को भ्रष्टाचार के मामले में पन्ना के अपर सत्र न्यायालय अदालत ने आज शुक्रवार को कड़ी सजा सुनाई है।
पन्ना (टाइगर खान): पन्ना जिले में रिश्वत को लेकर एक बड़ी सजा हुई है। इस फैसले से हलचल है। दरअसल गुनौर में तैनात रहे तत्कालीन तहसीलदार रविशंकर शुक्ला को भ्रष्टाचार के मामले में पन्ना के अपर सत्र न्यायालय अदालत ने आज शुक्रवार को कड़ी सजा सुनाई है। कोर्ट ने रविशंकर और उनके मददगार चौकीदार देवीदयाल दहायत दोनों को 5-5 साल की सश्रम कारावास (कठोर जेल) और जुर्माने की सजा दी है। यह न्याय की दिशा और भ्रष्टाचार के मामले में एक बड़ा फैसला माना जा रहा है।
साल 2020 का है ये मामला
सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी बताया कि यह पूरा मामला साल 2020 का है। दरअसल, सिली गांव के रहने वाले ब्रजबिहारी प्रजापति अपने खेत से ईंट बनाने वाली मिट्टी ट्रैक्टर में भरकर ले जा रहे थे। तभी प्रभारी तहसीलदार रविशंकर शुक्ला ने उनका ट्रैक्टर पकड़ लिया और उसे थाने में खड़ा करवा दिया। इसके बाद ट्रैक्टर को छोड़ने के बदले ₹35,000 की रिश्वत मांगी गई। उन्होंने इसकी शिकायत सागर लोकायुक्त पुलिस से कर दी।
बातचीत के दौरान तय हुआ कि ₹35,000 दिए जाएंगे, जिसमें से ₹10,000 पीड़ित ने पहले ही दे दिए। बाकी बचे ₹25,000 जब पीड़ित सरकारी आवास पर देने पहुंचा, तो नायब तहसीलदार ने वो पैसे अपने पास खड़े चौकीदार देवीदयाल को पकड़ाने को कहा। जैसे ही पैसे का लेन-देन हुआ, लोकायुक्त की टीम ने छापा मारकर दोनों को रंगे हाथों दबोच लिया और उनके पास से रिश्वत के नोट बरामद किए। इस तरह से दोनों को मौके पर ही दबोच लिया गया। इसको लेकर आज बड़ा फैसला आया जो अहम माना जा रहा है।