Edited By Himansh sharma, Updated: 19 Jun, 2026 01:47 PM

मध्य प्रदेश की राजनीति के दो दिग्गज नेताओंदिग्विजय सिंह और उमा भारती के बीच दो दशक से अधिक पुराना मानहानि विवाद एक बार फिर सुर्खियों में है।
जबलपुर। मध्य प्रदेश की राजनीति के दो दिग्गज नेताओंदिग्विजय सिंह और उमा भारती के बीच दो दशक से अधिक पुराना मानहानि विवाद एक बार फिर सुर्खियों में है। इस मामले की सुनवाई गुरुवार को हाईकोर्ट में हुई, जहां अदालत ने प्रतिवादी पक्ष को जवाब दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय प्रदान किया।
सुनवाई के दौरान न्यायालय ने प्रकरण की मौजूदा स्थिति पर विस्तार से विचार किया। उमा भारती की ओर से उपस्थित पक्षकारों ने जवाब प्रस्तुत करने हेतु समय की मांग की, जिसे अदालत ने स्वीकार करते हुए अगली सुनवाई के लिए 1 जुलाई 2026 की तारीख निर्धारित कर दी।
यह पूरा मामला वर्ष 2003 के विधानसभा चुनावों से जुड़ा हुआ है, जब उमा भारती ने तत्कालीन मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह पर अंडरवर्ल्ड से संबंध होने जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। इन आरोपों को आधार बनाते हुए दिग्विजय सिंह ने उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया था, जिसमें उन्होंने अपनी सार्वजनिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने का दावा किया था।
करीब 23 वर्षों से चल रहे इस कानूनी विवाद में समय-समय पर सुनवाई होती रही है, लेकिन अब तक कोई अंतिम निर्णय सामने नहीं आ सका है। ताजा सुनवाई के बाद एक बार फिर यह मामला राजनीतिक और कानूनी हलकों में चर्चा का विषय बन गया है।