कमलनाथ के CAA के विरोध पर बोले शिवराज- ऐसा व्‍यक्ति CM पद पर नहीं रह सकता

Edited By Jagdev Singh, Updated: 27 Dec, 2019 11:49 AM

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मध्य प्रदेश में नागरिकता संशोधन कानून को लेकर राजनीति रूकने का नाम नहीं ले रही है। जी हां, सत्‍तारूढ़ कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी में इस कानून को लेकर घमासान मचा हुआ है, जबकि नागरिकता संशोधन कानून को लेकर पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने...

भोपाल: मध्य प्रदेश में नागरिकता संशोधन कानून को लेकर राजनीति रूकने का नाम नहीं ले रही है। जी हां, सत्‍तारूढ़ कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी में इस कानून को लेकर घमासान मचा हुआ है, जबकि नागरिकता संशोधन कानून को लेकर पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री कमलनाथ पर निशाना साधा है। कमलनाथ ने किसी भी कीमत पर सीएए को प्रदेश में लागू ना करने की बात कही है। इस बात पर शिवराज ने कहा कि ये भारत की संसद से पास कानून है।

नागरिकता के मामले में सारे अधिकार केंद्र को संविधान ने दिए हैं। भारत की संसद ने बिल पास करके कानून बनाया है। सीएम साहब आपने ये शपथ ली है कि मैं भारत के संविधान के प्रति सच्ची श्रद्धा और निष्ठा रखूंगा। ये उस शपथ का उल्लंघन है। संसद के बनाए गए कानून को लागू ना करने की बात कहना संविधान का अपमान है। संविधान की अवमानना है। ऐसा व्यक्ति मुख्यमंत्री के पद पर नहीं रह सकता है, जो ये कहे कि मैं इस बिल को मध्‍य प्रदेश में लागू नहीं होने दूंगा। बिल का अंतिम सांस तक विरोध करूंगा।

पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस सरकार के पैदल मार्च पर निशाना साधते हुए कहा कि सीएए पर कांग्रेस गलतफहमी पैदा कर रही है। हिंसा भड़काने की कोशिश कर रही है। ये नागरिकता देने का कानून है, लेने का नहीं। नागरिकता संशोधन कानून को लेकर कांग्रेस रोज झूठ परोस रही है। सत्य के सूर्य को झूठ के बादल ज्यादा समय तक रोक नहीं पाएंगे। विपक्ष झूठ का जो ग्रहण इस कानून पर लगा रहा है, हम उस ग्रहण को लगने नहीं देंगे।

सिटीजन अमेंडमेंट कानून (सीएए) यानी नागरिकता संशोधन कानून को लेकर कांग्रेस ने 25 दिसंबर को सीएम कमलनाथ के नेतृत्व में पैदल मार्च किया था। पैदल मार्च में कमलाथन ने कहा कि प्रदेश में सीएए लागू नहीं किया जाएगा। इस कानून का मैं अंतिम सांस तक विरोध करुंगा। ये बांटने वाली सियासत है। ये गुमराह करने वाला कानून है। धर्म विरोधी कानून को लागू नहीं किया जाएगा. संविधान की रक्षा के लिए इस कानून का विरोध किया जाएगा।

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