Edited By Himansh sharma, Updated: 02 Nov, 2026 08:14 PM

देवास जिले के खातेगांव में कर्तव्य निभाते हुए जान गंवाने वाले थाना प्रभारी दिलीप पुरी की अंतिम विदाई का दृश्य हर किसी की आंखें नम कर गया।
इंदौर। देवास जिले के खातेगांव में कर्तव्य निभाते हुए जान गंवाने वाले थाना प्रभारी दिलीप पुरी की अंतिम विदाई का दृश्य हर किसी की आंखें नम कर गया। जिस पुलिस अधिकारी ने अपराधियों के सामने कभी हार नहीं मानी, उसी जांबाज अफसर का पार्थिव शरीर जब इंदौर स्थित उनके घर पहुंचा तो परिवार का दर्द देखकर वहां मौजूद पुलिसकर्मी और अधिकारी भी अपने आंसू नहीं रोक सके। दिलीप पुरी का पार्थिव शरीर जैसे ही ओमेक्स सिटी स्थित उनके निवास पर पहुंचा, वहां पहले से मौजूद परिजनों, रिश्तेदारों और कॉलोनी के लोगों की भीड़ गमगीन हो उठी। हर चेहरा उदास था और हर आंख अपने प्रिय अधिकारी को आखिरी बार देखने के लिए नम थी। पत्नी और बच्चों का विलाप देखकर वहां मौजूद लोगों के लिए खुद को संभाल पाना मुश्किल हो रहा था।
इस दौरान पत्नी ने पति के पार्थिव शरीर से लिपटकर जो बात कही, उसने पूरे माहौल को और भावुक कर दिया। उन्होंने अपने पति को याद करते हुए कहा कि आपने दो दिन से कुछ खाया तक नहीं था। पत्नी के इन शब्दों में छिपी चिंता और बिछड़ने का दर्द सुनकर वहां मौजूद पुलिस अधिकारियों की आंखों से भी आंसू बहने लगे। यह सिर्फ एक अधिकारी की विदाई नहीं थी, बल्कि उस परिवार के सपनों और खुशियों का बिखर जाना था, जिसने अपने घर के मुखिया को हमेशा के लिए खो दिया।
दिलीप पुरी को अंतिम श्रद्धांजलि देने के लिए पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी पहुंचे। पूर्व देवास एसपी पुनीत गहलोत, कलेक्टर नेहा मीणा सहित उनके साथ काम कर चुके कई अधिकारी और पुलिसकर्मी मौजूद रहे। अपने साथी और अधीनस्थ अधिकारी रहे दिलीप पुरी के पार्थिव शरीर को देखकर पूर्व एसपी पुनीत गहलोत भी भावुक हो गए। उनकी आंखों से छलके आंसू इस बात की गवाही दे रहे थे कि दिलीप पुरी ने अपने काम और व्यवहार से लोगों के दिलों में कितनी जगह बनाई थी।
पूर्व एसपी पुनीत गहलोत ने उन्हें एक बहादुर और कर्तव्यनिष्ठ पुलिस अधिकारी बताते हुए कहा कि उनके साथ हुई घटना से पूरा पुलिस महकमा स्तब्ध है। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत अधिकारी की आत्मा की शांति और शोकाकुल परिवार को इस असहनीय दुख को सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की।
वहीं, थाना प्रभारी अशोक पाटीदार ने भी दिलीप पुरी को एक योग्य और बेहतर पुलिस अधिकारी बताते हुए उनके साथ हुई घटना की कड़ी निंदा की। इंदौर के हीरानगर थाने में उनके साथ काम कर चुके कमल किशोर ने भी उनके व्यक्तित्व को याद किया। उन्होंने बताया कि दिलीप पुरी अपने अधीनस्थ पुलिसकर्मियों का सम्मान करते थे और उनकी कार्यशैली हमेशा सराहनीय रही।
गौरतलब है कि खातेगांव में शराब तस्करों की कार्रवाई के दौरान ट्रक से कुचलकर टीआई दिलीप पुरी की जान चली गई थी। इस घटना ने पूरे पुलिस विभाग में आक्रोश पैदा कर दिया है। उनका पार्थिव शरीर अंतिम संस्कार के लिए धार जिले के सरदारपुर ले जाया गया।
एक तरफ पुलिस विभाग अपने जांबाज साथी को खोने के गम में डूबा है, तो दूसरी तरफ पत्नी और बच्चों के लिए यह ऐसा खालीपन है, जिसे शायद जिंदगी भर भरा नहीं जा सकेगा। दिलीप पुरी की अंतिम विदाई के दौरान पत्नी के मुंह से निकले चंद शब्द वहां मौजूद हर शख्स के दिल में उतर गए।