Edited By Himansh sharma, Updated: 02 Nov, 2026 11:45 PM

मध्य प्रदेश के देवास जिले के खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी की दुखद मौत से प्रदेश में शोक का माहौल है।
भोपाल/देवास। मध्य प्रदेश के देवास जिले के खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी की दुखद मौत से प्रदेश में शोक का माहौल है। अवैध शराब तस्करी के खिलाफ कार्रवाई के दौरान अपनी जान गंवाने वाले पुलिस अधिकारी को पूर्व मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी भावभीनी श्रद्धांजलि दी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा कर उनके निधन को अत्यंत दुखद और पीड़ादायक बताया।
शिवराज सिंह चौहान ने अपने संदेश में लिखा कि देवास जिले के खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी जी ने पूर्ण निष्ठा, साहस और समर्पण भाव से अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए कर्तव्य की वेदी पर अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। उनके असामयिक निधन का समाचार अत्यंत दुःखद एवं पीड़ादायक है।
उन्होंने आगे लिखा कि परमपिता परमेश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोकाकुल परिजनों को इस कठिन समय में दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें। अंत में उन्होंने विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की।

शराब तस्करी रोकने पहुंचे थे थाना प्रभारी, ट्रक से कुचलने से हुई मौत
दरअसल, देवास जिले के खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी रविवार और सोमवार की दरमियानी रात अवैध शराब तस्करी की सूचना मिलने पर पुलिस टीम के साथ इंदौर-बैतूल हाईवे पर पहुंचे थे। रात करीब 1 से 1:30 बजे के बीच पुलिस टीम ने संदिग्ध आयशर वाहन को रोकने की कोशिश की। बताया गया कि वाहन में अवैध शराब छिपाकर ले जाई जा रही थी।
पुलिस के मुताबिक, जब थाना प्रभारी ने वाहन चालक से पूछताछ करने की कोशिश की तो चालक वाहन लेकर भागने लगा। इसी दौरान वाहन का पिछला पहिया दिलीप पुरी के ऊपर से गुजर गया। गंभीर रूप से घायल थाना प्रभारी को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों के प्रयासों के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
पांच जिलों में आरोपियों की तलाश, तस्करी नेटवर्क की जांच तेज
इस घटना के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, अवैध शराब की तस्करी से जुड़े पूरे नेटवर्क की पहचान की जा रही है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पांच जिलों में पुलिस टीमें सक्रिय की गई हैं। घटना में इस्तेमाल आयशर वाहन के मालिक को आलीराजपुर जिले से गिरफ्तार किए जाने की भी खबर सामने आई है। वहीं, तस्करी में शामिल अन्य लोगों और पूरे नेटवर्क की भूमिका की जांच जारी है।
दूसरी ओर, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी घटना पर दुख जताते हुए निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए हैं। राज्य सरकार ने दिवंगत थाना प्रभारी के परिवार को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता और उनकी पत्नी को अनुकंपा नियुक्ति के तहत सब-इंस्पेक्टर पद पर नौकरी देने की घोषणा की है। दिलीप पुरी की मौत ने एक बार फिर अवैध शराब तस्करी के नेटवर्क और उसके खिलाफ कार्रवाई के दौरान पुलिसकर्मियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।