Edited By Desh Raj, Updated: 24 May, 2026 09:50 PM

जिले में तबादलों का काउंटडाउन शुरू हो गया है। सरकार द्वारा लंबे समय से एक ही जगह पर जमे अधिकारियों और कर्मचारियों को हटाने की तैयारी तेज कर दी गई है। खासतौर पर राजस्व विभाग और पुलिस महकमे में बड़े स्तर पर फेरबदल के संकेत मिल रहे हैं।
रायसेन (शिवलाल यादव): जिले में तबादलों का काउंटडाउन शुरू हो गया है। सरकार द्वारा लंबे समय से एक ही जगह पर जमे अधिकारियों और कर्मचारियों को हटाने की तैयारी तेज कर दी गई है। खासतौर पर राजस्व विभाग और पुलिस महकमे में बड़े स्तर पर फेरबदल के संकेत मिल रहे हैं। विभागीय स्तर पर अधिकारियों की सूचियां तैयार होना शुरू हो गई हैं। तीन साल या उससे अधिक समय से एक ही जिले और अनुभाग में पदस्थ अधिकारियों की जानकारी जुटाई जा रही है। इससे एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक और पटवारियों सहित कई अधिकारी प्रभावित होंगे।
सूत्रों के मुताबिक राज्य शासन जल्द ही तबादला नीति जारी कर सकता है। इसके पहले ही विभागों में अंदरखाने हलचल बढ़ गई है। कई अधिकारी अपने पसंदीदा जिलों में पदस्थापना के लिए राजनीतिक संपर्क साधने में जुट गए हैं। नेताओं और जनप्रतिनिधियों के यहां सिफारिशी पत्रों का दौर भी शुरू हो गया है। राजधानी भोपाल से लेकर जिला मुख्यालयों तक तबादलों को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है।
राजस्व विभाग में सबसे ज्यादा बदलाव की संभावना जताई जा रही है। जिन अधिकारियों पर लंबे समय से एक ही क्षेत्र में जमे रहने के आरोप लगते रहे हैं। उन्हें हटाने की तैयारी है। वहीं पुलिस विभाग में भी थाना प्रभारियों, एसडीओपी और अन्य अधिकारियों की सूची तैयार की जा रही है। कानून व्यवस्था और प्रशासनिक कसावट को ध्यान में रखते हुए सरकार इस बार बड़े पैमाने पर बदलाव कर सकती है।
पावरफुल भूमिका में रहेंगे जिला प्रभारी मंत्री
जानकारी के अनुसार जिला प्रभारी मंत्रियों की भूमिका इस बार काफी प्रभावशाली रहने वाली है। जिलों में पदस्थापना और तबादलों को लेकर उनकी राय को प्राथमिकता मिल सकती है। यही वजह है कि अधिकारी और कर्मचारी संगठन भी सक्रिय हो गए हैं। कई कर्मचारी अपने तबादले रुकवाने के लिए राजनीतिक संरक्षण तलाश रहे हैं। जबकि कुछ अधिकारी मनचाही पोस्टिंग पाने के लिए प्रयासरत हैं।
इधर स्कूल शिक्षा विभाग में फिलहाल शिक्षकों को राहत मिलने के संकेत हैं। प्रदेश में चल रही जनगणना और अन्य शासकीय कार्यों में बड़ी संख्या में शिक्षक लगे हुए हैं। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि जनगणना कार्य पूरा होने तक शिक्षकों के तबादले नहीं किए जाएंगे। हालांकि जिला शिक्षा विभाग के प्रशासनिक अधिकारियों के स्थानांतरण पर निर्णय अलग से लिया जा सकता है।
तबादलों की सुगबुगाहट के बीच जिलों में प्रशासनिक माहौल भी गर्माने लगा है। कई अधिकारी संभावित बदलाव को देखते हुए अपने अधूरे कार्य जल्द निपटाने में जुट गए हैं। वहीं कर्मचारियों के बीच यह चर्चा भी तेज है कि इस बार तबादलों में पारदर्शिता और सख्ती दोनों देखने को मिल सकती हैं। शासन स्तर पर तैयारियां लगभग अंतिम दौर में बताई जा रही हैं और आने वाले दिनों में बड़ी तबादला सूची जारी होने की संभावना है। शासन स्तर पर जिला प्रभारी मंत्री की मंशानुरूप तीन साल से अधिक समय से पदस्थ अधिकारी कर्मचारियों के स्थानांतरण सूची बनाने लगी है।