Edited By Himansh sharma, Updated: 05 Jan, 2026 04:59 PM

शहर में उफनते सीवर, गंदा और बदबूदार पानी, जर्जर सड़कें और चरमराती साफ-सफाई व्यवस्था के खिलाफ ग्वालियर में अनोखा विरोध प्रदर्शन देखने को मिला।
ग्वालियर। शहर में उफनते सीवर, गंदा और बदबूदार पानी, जर्जर सड़कें और चरमराती साफ-सफाई व्यवस्था के खिलाफ ग्वालियर में अनोखा विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। भाजपा पार्षद बृजेश श्रीवास ने फूलबाग स्थित श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण के बाद जल विहार स्थित महापौर कार्यालय तक दंडवत यात्रा निकालकर नगर सरकार के प्रति अपना आक्रोश जाहिर किया।
पार्षद के साथ बड़ी संख्या में क्षेत्रीय नागरिक भी मौजूद रहे। हाथों में तख्तियां, महापौर और नगर निगम के खिलाफ नारे, और चेहरों पर नाराजगी—यह दृश्य शहर की बदहाल व्यवस्थाओं की गवाही देता नजर आया।
पूरे शहर में गंदे पानी की सप्लाई, जनता बेहाल” – पार्षद बृजेश श्रीवास
दंडवत यात्रा के दौरान पार्षद बृजेश श्रीवास ने आरोप लगाया कि
शहर के कई इलाकों में नलों से गंदा और बदबूदार पानी आ रहा है
सड़कों पर गड्ढे ही गड्ढे हैं
सफाई व्यवस्था पूरी तरह चौपट हो चुकी है
उन्होंने कहा कि वह नगर निगम परिषद में कई बार इस मुद्दे को उठा चुके हैं, लेकिन आज तक कोई ठोस समाधान नहीं हुआ। “जब हर मंच से आवाज उठाने के बाद भी सुनवाई नहीं होती, तो मजबूरन इस तरह का विरोध करना पड़ता है।
महापौर शोभा सिकरवार का पलटवार: “यह सिर्फ नौटंकी”
बीजेपी पार्षद के इस विरोध पर महापौर शोभा सिकरवार ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने दंडवत यात्रा को मीडिया में बने रहने की नौटंकी करार दिया।
महापौर ने कहा,
इंदौर में भाजपा का महापौर है, वहां दूषित पानी से मौतें हुईं। जब वहां अधिकारियों ने उनकी नहीं सुनी, तो मैं तो कांग्रेस की महापौर हूं, अंदाजा लगाइए मेरी कौन सुनेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि इंदौर मामले में दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है और ग्वालियर में भी जनता की समस्याओं के समाधान के लिए लगातार काम चल रहा है।
“विकास रातों-रात नहीं होता, धीरे-धीरे होता है,” महापौर ने सफाई दी।
इंदौर घटना के बाद बढ़ा सियासी तापमान
इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों के बाद प्रदेशभर में पेयजल व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। इसी कड़ी में ग्वालियर में भी जनप्रतिनिधि अपने-अपने तरीके से मुद्दा उठा रहे हैं। बीजेपी पार्षद की दंडवत यात्रा ने एक बार फिर नगर निगम की कार्यप्रणाली और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप को सुर्खियों में ला दिया है।
गंदा पानी, सीवर और बदहाल व्यवस्थाएं—इन मुद्दों पर राजनीति तेज है, लेकिन सवाल वही है: आख़िर ग्वालियर की जनता को साफ पानी और बेहतर सुविधाएं कब मिलेंगी?