असंगठित कामगार कांग्रेस की सरकार को चेतावनी: दो दिन में शराब ठेकों का निराकरण करें, वरना जाएंगे कोर्ट

Edited By meena, Updated: 07 Apr, 2026 12:30 PM

unorganized workers congress warns government resolve liquor shop issue within

मध्य प्रदेश में शराब ठेकों के आवंटन को लेकर चल रहा विवाद अब तूल पकड़ता जा रहा है। असंगठित कामगार एवं कर्मचारी कांग्रेस (मध्य प्रदेश) के अध्यक्ष रणजीत शक्तवत ने...

भोपाल (इजहार खान) : मध्य प्रदेश में शराब ठेकों के आवंटन को लेकर चल रहा विवाद अब तूल पकड़ता जा रहा है। असंगठित कामगार एवं कर्मचारी कांग्रेस (मध्य प्रदेश) के अध्यक्ष रणजीत शक्तवत ने आबकारी विभाग और प्रदेश सरकार पर प्रदेश के हज़ारों ठेकेदारों को गुमराह करने और उनके करोड़ों रुपये ठप करने का गंभीर आरोप लगाया है।

होल्ड का नियम विज्ञापन में नहीं था: शक्तावत

शक्तावत ने कहा कि 31 मार्च को नीलामी की प्रक्रिया के दौरान हज़ारों असंगठित कामगारों (ठेकेदारों) ने नीलामी में भाग लिया और अपनी जमा पूंजी, यहाँ तक कि ब्याज पर लिए पैसे लगाकर बोलियां लगाईं। विज्ञापन के निर्देशों के अनुसार उन्हें 1 अप्रैल से संचालन मिलना था, लेकिन आबकारी आयुक्त और विभाग के नुमाइंदों ने नियम विरुद्ध जाकर ऑफर्स को 'होल्ड' पर रख दिया है। 29 तारीख को जारी विज्ञप्ति में कहीं भी 'होल्ड' शब्द का ज़िक्र नहीं था। सरकार ने लाखों-करोड़ों रुपये अपने खज़ाने में जमा कर लिए हैं, लेकिन दुकानें आवंटित नहीं की जा रही हैं। यह सीधे तौर पर प्रदेश के मेहनतकश लोगों के साथ धोखाधड़ी है।

ठेकेदारों की स्थिति दयनीय, आत्महत्या की नौबत

संगठन ने सरकार को आगाह किया है कि जिन ठेकेदारों ने 6 लाख से 50 लाख रुपये तक निवेश किए हैं, वे आज दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं। ब्याज का बोझ और व्यापार न मिलने के कारण कई ठेकेदार आत्महत्या जैसे आत्मघाती कदम उठाने की कगार पर पहुँच गए हैं। विभाग द्वारा प्रतिदिन नए नियम लाकर उन पर मानसिक दबाव बनाया जा रहा है।

दो दिन का अल्टीमेटम: हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट की चेतावनी

मध्य प्रदेश आबकारी अधिकारियों को खुली चेतावनी देते हुए अध्यक्ष ने स्पष्ट किय कि 48 घंटे का समय: विभाग दो दिन के अंदर आवंटन का निराकरण करे। कानूनी कार्रवाई: यदि निर्णय नहीं हुआ, तो संगठन हज़ारों ठेकेदारों के साथ हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाएगा और न्यायालय से जवाब मांगा जाएगा कि बिना पूर्व सूचना के पैसे क्यों रोके गए और लोगों को गुमराह क्यों किया गया।

ठेकेदारों से अपील: बहकावे में न आएं

अध्यक्ष ने प्रदेश के सभी ठेकेदारों से अपील की है कि वे विभाग द्वारा प्रतिशत (20%, 30%, 40%) को लेकर की जा रही ऊंच-नीच वाली बातों और भ्रम में न आएं। उन्होंने कहा, मैं आपके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा हूं। हम मिलकर अपनी गाढ़ी कमाई वापस लेंगे और दोषियों को दंडित करवाएंगे।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!