Edited By meena, Updated: 14 Jan, 2021 01:12 PM

कोरोना ने वायरस ने बीते दस महीनों से हर किसी का जीना दूभर कर दिया एक वक्त वो भी गुजरा जब लोग अपने-अपने घरों में ही कैद रहे, सड़कें सूनी रहीं और गैर तो गैर अपनों से भी मिलने में परहेज़ करना पड़ा। अब भले ही हालात सामान्य हो रहे हैं लेकिन कोरोनावायरस...
दमोह(इम्तियाज़ चिश्ती): कोरोना ने वायरस ने बीते दस महीनों से हर किसी का जीना दूभर कर दिया एक वक्त वो भी गुजरा जब लोग अपने-अपने घरों में ही कैद रहे, सड़कें सूनी रहीं और गैर तो गैर अपनों से भी मिलने में परहेज़ करना पड़ा। अब भले ही हालात सामान्य हो रहे हैं लेकिन कोरोनावायरस ने दिलों में ऐसा डर पैदा किया कि लोग बिना काम के घरों से निकलने में परहेज करने लगे और ये सिलसिला आज भी जारी है। अब तो घरों में रहकर महिलाएं भी बोरियत महसूस कर रही है लेकिन आज मकर संक्राति के अवसर पर महिलाओं ने भी अपने घरों से निकलकर राहत भरी सांस ली। मकर संक्राति पर नये साल के आगाज़ के बहाने महिलाओं ने अपनों से मिलने का रास्ता ढूंढ लिया।

इसी कड़ी में जिले के महिला सामाजिक संगठन दमयंती क्लब जो कोरोना संकट काल में भी गरीबों लोगों की मदद करता रहा ने नये साल का स्वागत भी जोरदार किया। सबने मिलजुलकर फिल्मी गीत गाये और पिकनिक स्पॉट पर जाकर एक दूसरे को नए वर्ष की शुभकामनाएं दी।

दमोह की दमयंती क्लब की महिलाएं ने नए साल का जश्न खुले आसमान के नीचे मनाया। 10 महीनें बाद घरों से निकली इन महिलाओं की खुशी देखते ही बनती है। उनका कहना था कि आज हम दस माह बाद अपने घरों से निकले है बहुत दिनों बाद खुली हवा में सांस ली और अपनी दोस्तों से मिलीं ।