Edited By meena, Updated: 07 Jan, 2026 08:05 PM

छत्तीसगढ़ में नक्सल के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। जहां हर रोज इनामी माओवादी आत्मसमर्पण करके पुर्नवास चुन रहे हैं। हाल ही में सुकमा में 64 लाख के इनामी 26 माओवादियों ने सरेंडर किया है...
बस्तर (पुष्पेंद्र सिंह) : छत्तीसगढ़ में नक्सल के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। जहां हर रोज इनामी माओवादी आत्मसमर्पण करके पुर्नवास चुन रहे हैं। हाल ही में सुकमा में 64 लाख के इनामी 26 माओवादियों ने सरेंडर किया है, जिनमें 7 महिलाएं भी शामिल है। इस पर सीएम विष्णु देव साय ने खुशी जताते हुए बस्तर कमिश्नर को बधाई दी है।
सीएम साय ने कहा- बस्तर अब बदल रहा है, लाल आतंक के खात्मे के साथ शांति और विकास की राह में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। सुकमा में ₹64 लाख के इनामी 26 हार्डकोर माओवादी, जिनमें 7 महिलाएं भी शामिल हैं, ने हिंसा का रास्ता छोड़कर आत्मसमर्पण किया है। यह सिर्फ एक सुरक्षा सफलता नहीं, बल्कि मानवीय विश्वास की जीत है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और माननीय केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जी के स्पष्ट संकल्प के तहत छत्तीसगढ़ में अपनाई गई संतुलित सुरक्षा रणनीति और संवेदनशील पुनर्वास नीति आज ज़मीन पर असर दिखा रही है। “पूना मार्गेम – पुनर्वास से पुनर्जीवन” अभियान उन लोगों के लिए आशा की किरण बन रहा है, जो कभी वामपंथियों के भ्रम जाल में फंस गए थे।
लगातार स्थापित हो रहे सुरक्षा कैंप, सुदूर अंचलों तक शासन की पहुंच और विकास के ठोस प्रयासों ने बस्तर की तस्वीर बदल दी है। आज बस्तर में डर नहीं, भरोसे की आवाज़ सुनाई दे रही है। मैं लाल आतंक में भटके माओवादियों से कहना चाहता हूं कि आपके लिए दरवाज़े बंद नहीं हैं। हिंसा से दूर सम्मान, सुरक्षा और भविष्य की राह चुनिए। सरकार आपके साथ है, समाज आपके स्वागत के लिए तैयार है। बस्तर शांति की ओर बढ़ रहा है और हर कदम के साथ नक्सल मुक्त छत्तीसगढ़ का संकल्प और मजबूत हो रहा है।