Edited By meena, Updated: 03 Nov, 2026 01:42 PM

छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कथावाचक पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण को लेकर की गई टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त...
रायपुर : छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कथावाचक पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण को लेकर की गई टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। बघेल ने सोशल मीडिया के माध्यम से शास्त्री पर निशाना साधते हुए उनके बयान पर सवाल उठाए हैं। वहीं, मथुरा के साधु-संतों की नाराजगी के बाद शास्त्री ने अपनी टिप्पणी पर स्पष्टीकरण देते हुए किसी की धार्मिक भावनाएं आहत होने पर माफी मांगी है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने फेसबुक पर अपनी प्रतिक्रिया में लिखा,‘कोई तो केमिकल लोचा है। इनकी रेबीज वगैरह की जांच करवाना ठीक होगा।'उन्होंने आगे कहा कि हिंदू-हिंदू करते-करते अब यह ढोंगी बाबा हिंदुओं के आराध्य देवी-देवताओं की खिल्ली उड़ाने लगा है। उन्होंने सवाल उठाया कि इस मामले में हिंदू धर्म के ठेकेदारों की भावनाएं आहत क्यों नहीं हो रही हैं।
वीडियो
विवाद की शुरुआत मध्यप्रदेश के शिवपुरी में आयोजित श्रीराम कथा के दौरान धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की एक टिप्पणी से हुई। कथा में उन्होंने भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण की मुद्राओं की तुलना करते हुए कहा था कि श्रीकृष्ण की मुद्रा तीन जगह से टेढ़ी होती है, जबकि भगवान श्रीराम सीधे खड़े होते हैं। इस दौरान उन्होंने अयोध्या और वृंदावन की भी तुलना की थी। शास्त्री के इस बयान का वीडियो सामने आने के बाद मथुरा के साधु-संतों ने आपत्ति जताई और उनसे माफी मांगने की मांग की।
धार्मिक हलकों में प्रतिक्रिया बढ़ने के बाद शास्त्री ने वीडियो जारी कर अपना पक्ष स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि उनके कथन का गलत अर्थ निकाला गया है और उनका उद्देश्य भगवान श्रीराम तथा श्रीकृष्ण के बीच किसी प्रकार का भेद करना नहीं था। शास्त्री ने स्पष्ट किया कि राम और कृष्ण एक ही हैं, उनमें कोई अंतर नहीं है। उन्होंने स्वयं को ठाकुरजी और ब्रज का भक्त बताते हुए कहा कि वह श्रीमद् भागवत कथा का वाचन करते हैं और भगवान श्रीकृष्ण का गुणगान भी करते हैं। शास्त्री ने कहा कि यदि उनकी किसी बात अथवा व्याख्या से किसी की धार्मिक भावना आहत हुई है, तो वह इसके लिए माफी मांगते हैं। साथ ही उन्होंने लोगों से उनके बयान का गलत अर्थ निकालकर उसे बढ़ा-चढ़ाकर प्रस्तुत नहीं करने की अपील की।
उल्लेखनीय है कि पूर्व मुख्यमंत्री बघेल और धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के बीच इससे पहले भी बयानबाजी हो चुकी है। वर्ष 2025 में बघेल ने शास्त्री पर अंधविश्वास फैलाने का आरोप लगाया था। इसके जवाब में शास्त्री ने मंच से कहा था कि 'अगर हिंदू समाज को जोड़ना अंधविश्वास है, तो ऐसे लोग देश छोड़ दें।' इसके बाद बघेल ने पलटवार करते हुए कहा था कि 'जब धीरेंद्र शास्त्री पैदा भी नहीं हुए थे, तब से मैं हनुमान चालीसा पढ़ रहा हूं।' उन्होंने उस दौरान धीरेंद्र शास्त्री को भाजपा का एजेंट भी बताया था। ताजा विवाद में शास्त्री की ओर से सफाई और माफी सामने आने के बावजूद उनकी टिप्पणी को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का सिलसिला जारी है।