Edited By Desh Raj, Updated: 30 Mar, 2026 03:09 PM

इंदौर का राजा रघुवंशी हत्याकाँड (Raja Raghuvanshi Murder) पूरे देश में चर्चित है, इस दिल को हिलाने वाले कांड ने सभी को झकझोर कर रखा दिया था जब एक मां जवान लड़का उस दुनिया से चला गया था। लेकिन अब लंबे समय से दुख में डूबे इस परिवार के लिए अब थोड़ा दिल...
(इंदौर): इंदौर का राजा रघुवंशी हत्याकाँड (Raja Raghuvanshi Murder) पूरे देश में चर्चित है, इस दिल को हिलाने वाले कांड ने सभी को झकझोर कर रखा दिया था जब एक मां जवान लड़का उस दुनिया से चला गया था। लेकिन अब लंबे समय से दुख में डूबे इस परिवार के लिए अब थोड़ा दिल को सकून देने वाला समय आया है। रघुवंशी परिवार में काफी अंतराल के बाद खुशियों का बसेरा हुआ है।
राजा रघुवंशी के बड़े भाई सचिन रघुवंशी के घर बेटे का जन्म
दरअसल शनिवार-रविवार की दरमियानी रात राजा रघुवंशी के परिवार में बेटे का जन्म हुआ है, जिससे घर में उत्साह और खुशियों वाला माहौल बना है। इतने लंबे समय के बाद परिवार के चेहरे पर मुस्कान आई है। दरअसल राजा रघुवंशी के बड़े भाई सचिन रघुवंशी के घर बेटे का जन्म हुआ है जिससे पूरा परिवार खुश है। परिवार के लोग इस नवजात बालक को 'राजा' नाम से पुकार रहे हैं।
परिवार कामाख्या मंदिर पुजारी की भविष्यवाणी को बता रहा सच

इस बच्चे के दुनिया में आने के बाद राजा के भाई विपिन ने बताया कि राजा की हत्या के बाद कामाख्या मंदिर के एक पुजारी ने कहा था कि राजा फिर आपके ही परिवार में जन्म लेगा। अब जब बच्चे का जन्म हुआ है तो परिवार उसे सच मान रहा है। उनका मानना है कि यह संयोग नहीं है, बल्कि ईश्वर की इच्छा है। विपिन का कहना है कि उनकी भाभी राजा का बेटे जैसा ख्याल रखती थीं और अब उन्हीं ने बेटे को जन्म दिया है। शादी को 12 साल हो चुके हैं, दो बेटियां हैं लेकिन अब बेटे का जन्म हुआ तो इसे वो राजा की वापसी मान रहे हैं।
ग्यारस को हुई थी राजा की हत्या,नवजात का जन्म भी ग्यारस को हुआ
राजा रघुवंशी के परिवार ने इस संयोग बताते हुए कहा है कि जिस दिन राजा की हत्या हुई थी, उस दिन ग्यारस थी और नवजात का जन्म भी ग्यारस को ही हुआ है । परिवार इसे विशेष संयोग मान रहा है फिर से उनके जीवन में राजा का वापसी को बता रहा है। वहीं पोस्ट मार्टम रिपोर्ट के मुताबिक राजा की मौत का समय दोपहर 2.40 था जबकि नवजात के जन्म का समय 2.42 है।
नवजात का नाम रखा गया “राजा”
वहीं इस बेटे के जन्म लेने का बाद इसका नाम राजा रघुवंशी के नाम पर राजा रख दिया है। नाम बिना किसी ज्योतिषिय परामर्श या कुंडली देखे ही 'राजा' रख दिया गया है। राजा की मां उमा रघुवंशी भी इस मौके पर भावुक है, उन्होंने इसे भोलेनाथ का आशीर्वाद बताया है। राजा रघुवंशी की मां ने परिवार में बालक के आने के बाद कहा है कि उनके परिवार में फिर से खुशियां लौट आई हैं। मेरा बेटा जिस दिन हमे छोड़कर इस दुनिया से गया था उसी दिन लौट आया। ये सब भगवान की मर्जी थी।