एक साथ जली 8 चिताएं...इलेक्ट्रिक कार को चार्जिंग लगाकर सोया था परिवार, अग्निकांड में मौत

Edited By meena, Updated: 18 Mar, 2026 06:41 PM

eight funeral pyres lit simultaneously in indore tragedy

मध्य प्रदेश के इंदौर में माहौल उस समय बेहद गमगीन हो गया जब एक साथ 8 लोगों की अर्थियां उठी। अग्निकांड में जिंदा जले आठ लोगों का तिलक नगर मुक्तिधाम में एक साथ अंतिम संस्कार किया गया....

इंदौर (सचिन बहरानी) : मध्य प्रदेश के इंदौर में माहौल उस समय बेहद गमगीन हो गया जब एक साथ 8 लोगों की अर्थियां उठी। अग्निकांड में जिंदा जले आठ लोगों का तिलक नगर मुक्तिधाम में एक साथ अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। सभी के चेहरों पर एक दर्द साफ नजर आ रहा था। बता दें ग्रेटर ब्रजेश्वरी कॉलोनी में देर रात कार चार्जिंग के दौरान हुई आगजनी की घटना में पुगलिया परिवार के 8 लोगों की  दर्दनाक मौत हो गई थी। मृतकों में एक गर्भवती महिला भी शामिल है।

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कैसे हुआ हादसा

जानकारी के मुताबिक, इंदौर के बंगाली चौराहे के पास स्थित ब्रजेश्वरी कॉलोनी में देर रात में भीषण हादसा हो गया। यहां पुगलिया परिवार के घर में इलेक्ट्रिक कार चार्जिंग के दौरान शॉर्ट सर्किट होने से आग लग गई, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया। इस हादसे में पुगलिया परिवार की गर्भवती बहू समेत आठ लोगों की जलकर मौत हो गई, जबकि 3 लोग गंभीर रूप से घायल हैं।

बताया जा रहा है कि पुगलिया परिवार के घर के बाहर देर रात इलेक्ट्रिक कार चार्जिंग पर लगी हुई थी। सुबह करीब 4 बजे चार्जिंग पॉइंट में शॉर्ट सर्किट हुआ, जिससे कार में आग लग गई। आग तेजी से फैलते हुए घर तक पहुंच गई और अंदर रखे गैस सिलिंडरों को अपनी चपेट में ले लिया। आग लगने के बाद घर में रखे सिलेंडरों में धमाके शुरू हो गए। लोगों की मानें तो एक के बाद एक चार सिलेंडर फटे, जिससे मकान का एक हिस्सा ढह गया। तीन मंजिला मकान में पुगलिया परिवार के सदस्य ऊपरी मंजिल में सो रहे थे जबकि इनके यहां बिहार से मनोज सेठिया का परिवार आया हुआ था जो ग्राउंड फ्लोर में सो रहा था। इसी सेठिया परिवार के छह लोगों की मौत हादसे में हुई है जबकि दो लोग पुगलिया परिवार के हैं। वहीं घटना में तीन लोग घायल हुए हैं, जिनका इलाज अस्पताल में जारी है।

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हादसे का दर्दनाक पहलू

जांच में पाया गया कि लोगों की जान बच सकती थी लेकिन घर में इलेक्ट्रॉनिक लॉक लगे हुए थे। आग के दौरान बिजली सप्लाई बंद हो जाने से ये लॉक नहीं खुल सके, जिससे अंदर फंसे लोगों को बाहर निकलने में काफी दिक्कत हुई। दरवाजे तोड़कर रेस्क्यू करना पड़ा। वहीं घर में रखे गैस सिलेंडरों में विस्फोट होने की वजह से हादसे ने और भी भीषण रूप धारण कर लिया।

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