कन्हैया कुमार के तीखे बोल- मजबूरी का नहीं मजबूती का नाम महात्मा गांधी, इसलिए गोडसे को पूजने वाले भी राजघाट पर नतमस्तक होते हैं

Edited By meena, Updated: 31 Jan, 2026 07:51 PM

kanhaiya kumar strongly criticized bjp leaders in ambikapur

महात्मा गांधी जी की 78वीं पुण्यतिथि के अवसर पर अंबिकापुर में रेहाना फाउंडेशन के तत्वाधान में एक भव्य शांति मार्च और गांधी सुमिरन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य महात्मा गांधी के...

अंबिकापुर (सोनू केदार) : महात्मा गांधी जी की 78वीं पुण्यतिथि के अवसर पर अंबिकापुर पहुंचे। इस दौरान कन्हैया कुमार नेताओं पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा "साजिश के तहत एक कहावत कही जाती है कि मजबूरी का नाम महात्मा गांधी है, जबकि मजबूती का नाम महात्मा गांधी है। महात्मा गांधी की मजबूती और स्वीकारिता ऐसी है कि गोडसे की पूजा करने वाले राजनेता भी राजघाट पर 30 जनवरी को जाकर बापू के सामने नतमस्तक होते हैं और अपना फोटो खिंचवाकर सोशल मीडिया पर डालकर समाज में बापू के साथ जुड़ने का दिखावा करते हैं, और उनकी मजबूरी है।"

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मंच संभालते ही कन्हैया कुमार हमलावर नजर आए। उन्होंने कहा, "गांधी की हत्या की गई, विचार की नहीं। गांधी का विचार सबको सुखी रखने का था। श्रीराम नाम आध्यात्मिक है, इस देश के आम जनमानस के धर्म में राम है तो स्वभाव गांधी। राम क्या है? राम वो हैं जिनका सौतेला भाई भरत उनसे प्रेम करते थे और राम उनसे। पर यहां राम को मानने वाले आपस में लड़ रहे हैं। इस देश में नाथूराम की राजनीति नहीं, गांधी की राजनीति चलेगी। किसी की पीड़ा को दूर करने के लिए आपके मन में अहंकार नहीं होना चाहिए।"

कन्हैया कुमार ने राजनेताओं पर तंज करते हुए कहा, "जनता के वोट से जीतते हैं और जीतने के बाद अपने घर के सामने लिखते हैं 'कुत्ते से सावधान'। ऐसे लोगों से भी सावधान रहने की जरूरत आज है। हम किसी भी हिंसा के समर्थक नहीं, सत्य व अहिंसा के पुजारी से हिंसा की गई। तीन गोली मारी गई। गांधी जी तो हिंदू थे, अंग्रेज नहीं थे। गांधी को गोली मारने वाले ने किसी अंग्रेज को गोली क्यों नहीं मारी? यह सवाल भी पूछा जाना चाहिए।"

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आदित्येश्वर शरण सिंह देव का संबोधन

गांधी सुमिरन कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे आदित्येश्वर शरण सिंह देव ने कहा, "ये देश अगर बाग है तो गांधी उसके माली हैं। हिंदू धर्म में एक दूसरे को जोड़ता है। देश को खतरा असत्य से है, झूठ से है। गांधी के विचारों का जो महत्व है, उसको पूरी दुनिया जानती और मानती है। गांधी के विचार को समझना हर किसी के लिए आसान नहीं है, गांधी को समझने के लिए सत्य पर चलने वाला ईमानदार नागरिक बनना पड़ेगा, तभी गांधी को समझा जा सकता है।"

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बता दें कि महात्मा गांधी जी की 78वीं पुण्यतिथि के अवसर पर अंबिकापुर में रेहाना फाउंडेशन के तत्वाधान में एक भव्य शांति मार्च और गांधी सुमिरन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य महात्मा गांधी के विचारों और आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाना और उनके सत्य, अहिंसा, और शांति के मार्ग पर चलने का संदेश देना था। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने गांधी जी के आदर्शों को अपनाने और उनके बताए हुए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। इस अवसर पर मनरेगा और जनतंत्र की सुरक्षा पर भी चर्चा की गई, जिसमें कन्हैया कुमार ने कहा कि आज की सरकार जनतंत्र की इस व्यवस्था को गन तंत्र, लाठी तंत्र में बदलना चाहती है। उन्होंने कहा कि हम ऐसा अमीर देश बन रहे हैं जहां की जनता 5 किलो अनाज के लिए लाइन में लगती है। ये लोग जंगल, जमीन लूटने के बाद संविधान लूट लेंगे। वोट चोरी से बनी सरकार आपके अधिकार चोरी करेगी। मनरेगा का बजट कम कर दिया और कहते हैं 100 नहीं 125 दिन रोजगार देंगे, कैसे देंगे? इस कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में गांधीवादी नागरिक और युवा शामिल हुए, जिन्होंने महात्मा गांधी के विचारों को याद किया और उनके मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।

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