Edited By meena, Updated: 16 Feb, 2026 07:47 PM

छत्तीसगढ़ में भाजपा की अंतर्कलह अब खुलकर सामने आने लगी है। जिसका उदाहरण मनेंद्र गढ़ में आयोजित अमृत महोत्सव में देखने को मिला। जहां अनुशासन भूलकर भाजपा नेता ने सरेआम ऐसा कांड कर दिया...
रायपुर : छत्तीसगढ़ में भाजपा की अंतर्कलह अब खुलकर सामने आने लगी है। जिसका उदाहरण मनेंद्र गढ़ में आयोजित अमृत महोत्सव में देखने को मिला। जहां अनुशासन भूलकर भाजपा नेता ने सरेआम ऐसा कांड कर दिया जो खबरों की सुर्खियां बन गया है। कार्यक्रम में भाजपा नेता की चेतावनी, तीखा बयान और तोड़फोड़ पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गया है।
दरअसल, मामले ने तब तूल पकड़ा जब महोत्सव के दौरान नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिमा यादव और मंत्री के विधायक प्रतिनिधि सूरज यादव को कार्यक्रम स्थल में प्रवेश से रोक दिया गया। सूत्रों की मानें तो नेताओं को रोकने की वजह कोई सुरक्षा या प्रोटोकॉल नहीं, बल्कि सत्ता के भीतर चल रही गुटबाजी थी।
इस बात से नाराज विधायक प्रतिनिधि सूरज यादव ने कार से बोर्ड उखाड़कर सड़क पर फेंक दिया। इसके बाद वे नगर पालिका अध्यक्ष के साथ वहां से निराश होकर लौट गए। गुस्से में लाल हुए सूरज यादव ने बेहद तीखे सुर में कहा- “मंच पर हमारे नाम की कोई जरूरत नहीं है। क्या इनके दम पर हमने नाम कमाया है? आज यहां हैं, कल चले जाएंगे।”
उन्होंने आरोप लगाया कि वे मंत्री के साथ ही कार्यक्रम में आ रहे थे, लेकिन आगे-पीछे होने का बहाना बनाकर उन्हें रोका गया। उन्होंने आगे कहा कि- वे कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि थे। नगर पालिका अध्यक्ष और पार्षद भी उनके साथ थे, इसके बावजूद उन्हें जानबूझकर रोका गया और अपमानित किया गया।

भाजपा के अनुशासन पर उठे सवाल
सुशासन और अनुशासन ही हमारी पहचान यह कहने वाली भाजपा पार्टी इस सारे घटनाक्रम को लेकर सवालों के घेरे में हैं। सरेआम गाड़ी से बोर्ड उखाड़कर फेंकना, और विधायक प्रतिनिधि का यूं बयानबाजी करना पार्टी के अंदर चल रही गुटबाजी को साफ उजागर करता है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि—यह घटना सिर्फ एक कार्यक्रम तक सीमित नहीं.. यह भाजपा के भीतर चल रही सत्ता की खींचतान की सुलगती आग की तरह है। यदि समय रहते हाईकमान ने हस्तक्षेप न किया तो ये बड़े विस्फोट के रूप में बदल सकता है।