गर्भवती रेप पीड़िता का परिवार संग 12 साल के लिए समाज से बहिष्कार,सरपंच बोला- वापसी के लिए गांव के पैर धोकर उसी पानी से नहाना होगा

Edited By Desh Raj, Updated: 07 Mar, 2026 08:40 PM

pregnant rape victim and her family ostracized for 12 years

छतीसगढ़ के बलरामपुर से एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस मामले में सरपंच ने एक ऐसा फरमान सुनाया है जो कई सवाल खड़े कर रहा और कानून को भी ठेंगा दिखा रहा है।  आरोप है कि गांव के सरपंच ने रेप पीड़िता और उसके पूरे परिवार को 12 साल तक समाज से...

(बलरामपुर):-छतीसगढ़ के बलरामपुर से एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस मामले में सरपंच ने एक ऐसा फरमान सुनाया है जो कई सवाल खड़े कर रहा और कानून को भी ठेंगा दिखा रहा है।  आरोप है कि गांव के सरपंच ने रेप पीड़िता और उसके पूरे परिवार को 12 साल तक समाज से बहिष्कृत करने के साथ दारू-बकरा पार्टी का फरमान सुनाया है। इस फैसले के बाद कई सवाल उठ रहे हैं।

वाड्रफनगर विकासखंड का है ये सनसनीखेज मामला

मामला वाड्रफनगर विकासखंड (Wadrafnagar Balrampur) का है. यहां कानून और मानवता को ताक पर रखकर पंचायत द्वारा तुगलकी फरमान सुनाया गया है। बसंतपुर थाना क्षेत्र के एक गांव में बलात्कार की शिकार एक गर्भवती महिला और उसके पूरे परिवार को गांव के सरपंच ने 12 साल तक समाज से बहिष्कृत करने का आदेश दिया है. परिवार का अपराध सिर्फ इतना था कि उन्होंने पुलिस के पास जाकर आरोपी के खिलाफ आवाज उठाई।  पीडि़ता और उसके परिवार ने इस मामले की शिकायत एसडीओपी से कर न्याय की गुहार लगाई है।

पीडि़ता इस समय गर्भवती बताई जा रही है लेकिन जब पीडि़ता के परिवार ने आरोपी के खिलाफ पुलिस में शिकायत कर एफआईआर दर्ज कराने की पहल की तो गांव में पंचायत बुलाई गई। लेकिन  पंचायत में सरपंच और कुछ ग्रामीणों ने पीडि़ता के परिवार को ही दोषी ठहराते हुए उनके खिलाफ सामाजिक दंड देने का निर्णय ले लिया।इसके साथ ही कुछ शर्तें भी रखी गई हैं।

पीड़िता के परिजनों ने SDOP कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई है और कहा है कि पंचायत ने कुछ ऐसी शर्तें रखी  हैं जो बेहद निंदनीय है..

- परिवार को 12 साल तक किसी भी सामाजिक, धार्मिक या सामुदायिक आयोजन में शामिल होने से रोक

-आरोप है कि सरपंच ने तुगलकी फरमान सुनाते  हुए कहा कि यदि परिवार वापस समाज में आना चाहता है, तो उन्हें पूरे गाँव के लोगों के पैर धोकर उस पानी से नहाना होगा. इस फैसले से पीडि़त परिवार काफी परेशान और भयभीत है। वहीं मामले पर एसडीएम ने कहा है कि  मामला प्रशासन के संज्ञान में आया है और दोनों पक्षों को बुलाकर बैठाया जाएगा और जांच की जाएगी।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!