Edited By meena, Updated: 30 Sep, 2026 04:58 PM

मध्यप्रदेश में संचालित करीब 28 हजार शासकीय उचित मूल्य दुकानों के राशन विक्रेताओं ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है...
रायसेन (शिवलाल यादव) : मध्यप्रदेश में संचालित करीब 28 हजार शासकीय उचित मूल्य दुकानों के राशन विक्रेताओं ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मध्यप्रदेश राशन विक्रेता संघ जिला इकाई रायसेन ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम डिप्टी कलेक्टर यशपाल स्वर्णकार ज्ञापन सौंपकर 5 सूत्रीय मांगों के निराकरण की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि 1 अक्टूबर तक मांगें नहीं मानी गईं तो रायसेन जिले सहित प्रदेशभर में आंदोलन और राशन दुकानों में तालाबंदी हड़ताल करेंगे।
राशन दुकान संघ रायसेन ने ज्ञापन में कहा है कि राशन विक्रेता पीडीएस के जरिए गरीब और जरूरतमंद परिवारों तक अनाज पहुंचाने का महत्वपूर्ण काम कर रहे हैं। कोरोना काल से लेकर हर विपरीत परिस्थिति में शासन के निर्देशों का पालन किया। लेकिन कम कमीशन और बढ़ती महंगाई के कारण राशन दुकान संचालन और परिवार चलाना तक बड़ा मुश्किल हो गया है।
राशन दुकान संघ के सदस्यों रंजीत लोधी मुईन खान,परनाम सिंह जादोन, शिब्बू धाकड़ मुकेश धाकड़ नरेश राय ने दूसरे राज्यों का हवाला देते हुए कहा कि बिहार में 258 रुपए और केरल में 270 रुपए प्रति क्विंटल कमीशन दिया जा रहा है, जबकि मध्यप्रदेश में यह सबसे कम है।
राशन दुकान संघ की ये 5 प्रमुख मांगें
1. खाद्यान्न पर कमीशन बढ़ाकर न्यूनतम 200 रुपए प्रति क्विंटल किया जाए।
2. शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के हर राशन विक्रेता की न्यूनतम 40 हजार रुपए प्रतिमाह आय सुनिश्चित की जाए।
3. परिवहन और तौल के दौरान होने वाले नुकसान को देखते हुए प्रति क्विंटल 1 किलो की छूट/क्षतिपूर्ति दी जाए।
4. हर महीने की 5 तारीख तक कमीशन का भुगतान अनिवार्य रूप से किया जाए।
5. सेवा सहकारी समितियों और वन समितियों को शासन स्तर से स्पष्ट निर्देश दिए जाएं कि वे विक्रेताओं को समय पर भुगतान करें।

संघ के पदाधिकारी शिब्बू धाकड़ सुमित सक्सेना सुनील साहू थान सिंह ठाकुर सिंह ने बताया कि राशन विक्रेता लंबे समय से मांग कर रहे हैं। लेकिन सुनवाई नहीं हो रही। अगर 1 अक्टूबर तक निराकरण नहीं हुआ तो प्रदेश के सभी 28 हजार विक्रेता एकजुट होकर आंदोलन करेंगे। ज्ञापन सौंपने वालों संतोष जैन प्रधान सिंह रवि शर्मा विष्णु बघेल, मेहरबान सिंह बघेल मलखान सिंह रामचरण सौदान सिंह दांगी विकास लोहाट आदि शामिल रहे।