भोपाल गैस त्रासदी के 37 साल पर पीड़ितों के 37 सवाल, बोले- आज तक न इंसाफ मिला न मुआवजा

Edited By Vikas Tiwari, Updated: 02 Dec, 2021 02:57 PM

37 questions of victims on 37 years of bhopal gas tragedy

भोपाल में यूनियन कार्बाइड हादसे की 37वीं बरसी के अवसर पर आयोजित एक पत्रकार वार्ता में गैस पीड़ित संगठनों के नेताओं ने राज्य और केंद्र सरकारों द्वारा  37 साल बाद भी पीड़ितों को इंसाफ और इज्जत की जिंदगी मुहैया ना करा पाने की कड़ी निंदा की। संगठनों ने...

भोपाल (इजहार हसन खान): भोपाल में यूनियन कार्बाइड हादसे की 37वीं बरसी के अवसर पर आयोजित एक पत्रकार वार्ता में गैस पीड़ित संगठनों के नेताओं ने राज्य और केंद्र सरकारों द्वारा  37 साल बाद भी पीड़ितों को इंसाफ और इज्जत की जिंदगी मुहैया ना करा पाने की कड़ी निंदा की। संगठनों ने राज्य और केंद्र सरकार पर केंद्रित अपनी 37 दिवसीय मुहिम '37 साल - 37सवाल' पर भी जानकारी साझा की।

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पत्रकार वार्ता में समाजसेविका रचना ढींगरा और रशीदा बी ने कहा कि ‘हम चाहते है कि दुनिया को पता चले कि विश्व के सबसे भीषण औद्योगिक हादसे के 37 साल बाद भी भोपाल गैस पीड़ितों को न्याय से वंचित रखा गया है’ भोपाल गैस पीड़ित महिला स्टेशनरी कर्मचारी संघ की अध्यक्षा और गोल्डमैन पर्यावरण पुरस्कार विजेता, रशीदा बी ने कहा ‘हमें यह बताते हुए खेद हो रहा है कि किसी भोपाली को पर्याप्त मुआवजा नहीं मिला है और आज तक कोई भी अपराधी एक मिनट के लिए भी जेल नहीं गया है, इसका कारण यह है कि हमारी लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई सरकारें और अमरीकी कंपनियों के बीच सांठगांठ आज भी जारी है’ उन्होंने बताया‘अस्पतालों में भीड़, संभावित हानिकारक दवाओं का बेहिसाब और अंधांधुंध इस्तेमाल और मरीजों की लाचारी वैसी ही बनी हुई है जैसी हादसे की सुबह थी। आज यूनियन कार्बाइड की गैसों के कारण फेफड़े, हृदय, गुर्दे, अंत:स्त्रावी तंत्र, तंत्रिका तंत्र और रोग प्रतिरोधक तंत्र की पुरानी बीमारियों के लिए इलाज की कोई प्रमाणिक विधि विकसित नहीं हो पाई है। क्योंकि सरकार ने हादसे के स्वास्थ्य पर प्रभाव के सभी शोध बंद कर दिए हैं और यूनियन कार्बाइड कम्पनी ही है। जिसके पास स्वास्थ्य संबंधी सारी जानकारी है और आज तक कम्पनी ने इस जानकारी को दबा कर रखा है’।

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