Edited By Himansh sharma, Updated: 15 Mar, 2026 05:20 PM

मध्य प्रदेश में एलपीजी सिलेंडर की उपलब्धता को लेकर प्रशासन लगातार दावा कर रहा है कि प्रदेश में किसी तरह की कमी नहीं है।
बड़वानी। मध्य प्रदेश में एलपीजी सिलेंडर की उपलब्धता को लेकर प्रशासन लगातार दावा कर रहा है कि प्रदेश में किसी तरह की कमी नहीं है। लेकिन दूसरी तरफ गैस एजेंसियों और गोदामों के बाहर उपभोक्ताओं की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। इसी बीच बड़वानी की कलेक्टर जयति सिंह का एक बयान सामने आया है, जिसने सोशल मीडिया और सियासी गलियारों में नई बहस छेड़ दी है।
दरअसल, बड़वानी जिले की कलेक्टर जयति सिंह ने शादियों और बड़े आयोजनों को लेकर एक सलाह दी है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों में लोग गैस सिलेंडर की जगह इंडक्शन चूल्हा या डीजल भट्टी का इस्तेमाल भी कर सकते हैं। इतना ही नहीं उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि ज्यादा ईंधन खर्च करने वाले व्यंजन जैसे रोटी और पराठे की जगह अन्य डिशेज भी बनाई जा सकती हैं।
कलेक्टर का यह बयान ऐसे समय आया है जब प्रशासन लगातार यह कह रहा है कि प्रदेश में गैस सिलेंडर की कोई कमी नहीं है। ऐसे में सवाल उठने लगे हैं कि जब सिलेंडर की उपलब्धता सामान्य बताई जा रही है तो फिर वैकल्पिक व्यवस्था अपनाने की सलाह क्यों दी जा रही है।
कलेक्टर के इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। कई इंटरनेट यूजर्स इसे लेकर सवाल उठा रहे हैं और प्रशासन के दावों तथा जमीनी हालात के बीच अंतर पर चर्चा कर रहे हैं।
कौन हैं जयति सिंह?
जयति सिंह वर्ष 2016 बैच की आईएएस अधिकारी हैं और वर्तमान में बड़वानी जिले की कलेक्टर के रूप में पदस्थ हैं। इससे पहले वे उज्जैन जिला पंचायत में सीईओ के पद पर कार्य कर चुकी हैं। इसके अलावा बड़वानी जिले के पानसेमल और सेंधवा में एसडीएम के रूप में भी उन्होंने जिम्मेदारी निभाई है। फिलहाल उनके इस बयान के बाद प्रदेश में एलपीजी की उपलब्धता और प्रशासनिक दावों को लेकर बहस तेज हो गई है।