Edited By meena, Updated: 02 Mar, 2026 01:19 PM

होली से ठीक पहले रसोई गैस उपभोक्ताओं को महंगाई का एक और झटका लगा है। 1 मार्च से कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 31 रुपये की बढ़ोतरी कर दी गई है। त्योहारों के सीजन में आई इस बढ़ोतरी...
भोपाल: होली से ठीक पहले रसोई गैस उपभोक्ताओं को महंगाई का एक और झटका लगा है। 1 मार्च से कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 31 रुपये की बढ़ोतरी कर दी गई है। त्योहारों के सीजन में आई इस बढ़ोतरी ने छोटे कारोबारियों, होटल-रेस्तरां संचालकों और कैटरिंग व्यवसाय से जुड़े लोगों की लागत बढ़ा दी है। राजनीतिक स्तर पर मध्य प्रदेश कांग्रेस ने इस बढ़ोतरी को लेकर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री Narendra Modi पर निशाना साधा है, जबकि सरकार की ओर से आमतौर पर अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलपीजी और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव को इसकी वजह बताया जाता रहा है।
लगातार तीसरे महीने बढ़ोतरी
कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में यह लगातार तीसरे महीने इजाफा है:
- 1 जनवरी 2026 को 111 रुपये की बढ़ोतरी
- 1 फरवरी 2026 को 50 रुपये की बढ़ोतरी
- 1 मार्च 2026 से 31 रुपये और महंगा
यानि तीन महीनों में कुल 192 रुपये की बढ़ोतरी हो चुकी है। यह वृद्धि खास तौर पर उन व्यवसायों के लिए चुनौतीपूर्ण है जो बड़े पैमाने पर कमर्शियल गैस सिलेंडर का उपयोग करते हैं।

आम जनता पर कितना असर?
हालांकि यह बढ़ोतरी कमर्शियल सिलेंडर पर लागू हुई है, लेकिन इसका अप्रत्यक्ष असर आम लोगों तक पहुंच सकता है। होटल, ढाबे और मिठाई दुकानों की लागत बढ़ने से खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ने की आशंका रहती है। त्योहारों के समय मिठाई और तैयार खाद्य पदार्थों की मांग अधिक होती है, ऐसे में व्यापारियों पर लागत का दबाव साफ दिखाई देगा।
घरेलू सिलेंडर पर क्या स्थिति?
फिलहाल घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। लेकिन अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार की स्थिति को देखते हुए आगे की कीमतें वैश्विक रुझानों पर निर्भर करेंगी।
आगे क्या?
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कच्चे तेल और एलपीजी के अंतरराष्ट्रीय दाम स्थिर होते हैं तो कीमतों में राहत मिल सकती है। लेकिन यदि वैश्विक बाजार में अस्थिरता बनी रहती है, तो आने वाले महीनों में और समायोजन देखने को मिल सकता है।
त्योहार से पहले आई इस बढ़ोतरी ने महंगाई पर बहस को फिर तेज कर दिया है। अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि सरकार उपभोक्ताओं और कारोबारियों को राहत देने के लिए आगे क्या कदम उठाती है।