Edited By meena, Updated: 01 Jan, 2026 02:03 PM

देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में अब तक दूषित पानी पीने से लगभग 10 जानें जा चुकी है। इसी बीच एक ऐसी दर्दनाक तस्वीर सामने आई है जिसने प्रशासन और व्यवस्था दोनों को हाशिए पर खड़ा कर दिया है...
इंदौर: देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में अब तक दूषित पानी पीने से लगभग 10 जानें जा चुकी है। इसी बीच एक ऐसी दर्दनाक तस्वीर सामने आई है जिसने प्रशासन और व्यवस्था दोनों को हाशिए पर खड़ा कर दिया है। जहां दूषित पानी ने एक 5 माह के मासूम अव्यान को मौत की नींद सुला दिया। बताया जा रहा है कि मां ने बच्चे के दूध को हल्का करने के लिए नल के पानी का इस्तेमाल किया, वही पानी बच्चे के लिए जानलेवा साबित हुआ। यह हादसा सिर्फ एक परिवार का दुख नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की नाकामी का प्रतीक बन गया है।
मन्नतों के बाद घर में गूंजी थी किलकारी
भागीरथपुरा के मराठी मोहल्ले में रहने वाले परिवार के अनुसार, 10 साल की मन्नतों के बाद घर में बेटे की किलकारी गूंजी थी। मासूम की मां साधना साहू का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों ने बताया कि काफी इलाज के बाद यह बच्चा उनके जीवन में आया था। गर्भावस्था के दौरान भी बच्चे की मां को गायनिक समस्याओं के चलते करीब नौ महीने तक बेड रेस्ट पर रहना पड़ा था। लेकिन गंदे पानी ने सबकुछ खत्म कर दिया। परिजनों ने यह भी बताया कि उनकी 10 साल की बेटी को भी अक्सर पेट दर्द की शिकायत रहती है। मां ने रोते हुए कहा कि मेरा बच्चा तो चला गया, लेकिन पता नहीं और कितने मासूम इस गंदे पानी की भेंट चढ़ेंगे।
परिवार का रो-रोकर बुरा हाल
मासूम बच्चे अव्यान के पिता सुनील साहू ने के मुताबिक कुछ दिन पहले बच्चे को उल्टी-दस्त की शिकायत हुई थी। डॉक्टर की सलाह पर घर पर ही इलाज चल रहा था। बच्चे को बाहर से लाया दूध पिलाया जा रहा था। दूध को पतला करने के लिए नगर निगम के नल का पानी इस्तेमाल किया गया। लेकिन जरा भी अंदाजा नहीं था कि सरकारी सप्लाई में पानी की जगह जहर आ रहा है। दूषित पानी मिला दूध पीने से हमारे मासूम की तबीयत बिगड़ गई और उसकी जान चली गई।
अब तक की स्थिति
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के मुताबिक, 1400 लोग बीमार हुए जिसमें से 200 लोग अस्पताल में भर्ती हैं। डेंजर जोन में कोई मरीज नहीं नहीं सिर्फ एक पेशेंट वेंटीलेटर पर हैं। लोगों की जान बचाना हमारी कोशिश है। आज उनकी सूची बना ली है जिन्होंने अस्पताल में पैसे देकर इलाज कराया हैं उन्हें पैसे वापस करेंगे। आधिकारिक मौत की पुष्टि 4 है लेकिन मेरे पास 9 लोगों की मौत की जानकारी हैं। वहीं भागीरथपुरा परिजनों के मुताबिक 13 लोगों की मौत हुई हैं, हालांकि मंत्री विजयवर्गीय ने 13 लोगों की मौत से इंकार किया है।
जांच में पाइपलाइन लीकेज का खुलासा, मौतों के आंकड़ों पर सवाल
प्रशासन की शुरुआती जांच में सामने आया है कि पीने के पानी की पाइपलाइन में लीकेज के कारण यह घटना हुआ। लीकेज वाली जगह के ऊपर शौचालय बना हुआ था संभवत उसी का पानी सप्लाई लाइन में मिल गया। इसी वजह से पूरे इलाके में संक्रमण तेजी से फैला।