Edited By meena, Updated: 02 May, 2022 07:04 PM

एसईसीएल के अधिकरियों के प्रताड़ना से तंग आकर एक आदिवासी ग्रामीण ने आत्मदाह की चेतवानी देते हुए जिला प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है। दरअसल बकही के रहने वाले एक आदिवासी किसान की साढ़े 3 एकड़ भूमि एसईसीएल ने अधिग्रहण कर मुआवजा प्रक्रिया सम्पूर्ण होने के...
शहडोल(अजय नामदेव): एसईसीएल के अधिकरियों के प्रताड़ना से तंग आकर एक आदिवासी ग्रामीण ने आत्मदाह की चेतवानी देते हुए जिला प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है। दरअसल बकही के रहने वाले एक आदिवासी किसान की साढ़े 3 एकड़ भूमि एसईसीएल ने अधिग्रहण कर मुआवजा प्रक्रिया सम्पूर्ण होने के बाद भी एसईसीएल में कुछ अधिकारी मुआवजा की राशि देने से आना कानी कर रहे हैं। आदिवासी किसान ने आरोप लगाया है कि अधिकारी लाखों रुपए पैसों की मांग कर रहे, जमीन अधिग्रहण करने के बाद मुआवजा भुगतान नहीं किये जाने से आहत आदिवासी किसान ने एसईसीएल जीएम आफिस के पास आगामी 4 मई को आत्मदाह की चेतावनी दी है। जिसकी सूचना जिला प्रशासन को पत्र के माध्यम से दी है।
शहडोल संभाग के अनूपपुर जिले के ग्राम बकही के रहने वाले मान सिह गोंड़ के अपने साढ़े 3 एकड़ खेतिहर भूमि एसईसीएल द्वारा वर्ष 2018 में अधिग्रहण कर मुआवजा व नौकरी देने की प्रक्रिया कर दी थी। 4 साल बीत जाने के बाद भी आज तक आदिवासी किसान को न तो नौकरी मिली और न ही मुआवजा, जिसके लिए कई बार अधिकारियों के कार्यालय के चक्कर लगा लगा कर किसान की कई चप्पलें घिस गई, मान सिह का आरोप है कि SECL के उप क्षेत्रीय प्रबंधक बुढार शारदा उप क्षेत्र में पदस्थ एक अधिकारी द्वारा मुआवजा की राशि देने के एवज में 1 लाख रुपए की मांग की जा रही है। मुआवजा, नौकरी नहीं मिलने व पैसों की मांग किये जाने से आहत आदिवासी किसान अब मौत के गले लगाने का एलान करते हुए चेतावनी दी है कि वे 4 मई को SECL सोहागपुर के जीएम ऑफिस के समीप आत्म दाह कर लेंगे, जिसकी सूचना SECL सहित शहड़ोल कलक्ट्रेट कार्यालय में दे दिया है।

वही इस मामले में SECL प्रबंधन कुछ भी कहने से मना कर रहा है। तो वही SECL के कर्मिक प्रबंधक के पद पर कार्यरत राजा राम चौरसिया का कहना है कि उनके ऊपर लगाए गए आरोप निराधार है, सवेरिया व जीएम सक्षम है पेमेंट रिलीज कराने के लिए वो आदेश कर दे मैं अभी पेमेंट रिलीज करा दूंगा।