Edited By Devendra Singh, Updated: 31 Mar, 2022 04:00 PM

संस्था ''कर्मश्री'' के अध्यक्ष रामेश्वर शर्मा ने बताया कि संस्था द्वारा प्रतिवर्षगुडी पड़वा, चैत्र नवरात्र और चैटी चांद जैसी पावन तिथियों के अवसर पर अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन लगातार 21 वर्षों से किया जा रहा है। इस बार आयोजन का 22 वां वर्ष है
प्रतुल पाराशर (भोपाल): नववर्ष को 'अटल पथ' (atal path) पर 'कर्मश्री' का अखिल भारतीय कवि सम्मेलन 2 अप्रैल की रात 8 बजे से होगा। भोपाल में महाआयोजन परपंरागत आयोजन का लगातार 22वां वर्ष हैं। हिन्दू नववर्ष (Hindu New Year) चैत्र शुक्ल प्रतिपदा, गुड़ी पड़वा और चैटी चांद के सुअवसर पर राजधानी भोपाल के 'अटल पथ' (atal path) पर टीटी नगर स्थित प्लैटिनम प्लाजा माता मंदिर में 2 अप्रैल शनिवार को 'कर्मश्री' के अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का महाआयोजन होने जा रहा है। भारतीय नववर्ष के मौके पर 'कर्मश्री' के अध्यक्ष और बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा द्वारा परंपरागत रूप से आयोजित किए जाने वाले अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का यह लगातार 22वां वर्ष है।
शहर और समाज के साथ होगा नववर्ष का स्वागत
रामेश्वर शर्मा (Rameshwar Sharma) ने बताया कि पिछले दो वर्षों से कोविड के चलते यह आयोजन वर्चुअल हो रहा था। प्लैटिनम प्लाजा माता मंदिर टीटी नगर स्थित " अटल पथ " पर होने जा रहे इस महा आयोजन के बारे में जानकारी देते हुए आयोजन,संस्था 'कर्मश्री' के अध्यक्ष रामेश्वर शर्मा ने बताया कि संस्था द्वारा प्रतिवर्षगुडी पड़वा, चैत्र नवरात्र और चैटी चांद जैसी पावन तिथियों के अवसर पर अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन लगातार 21 वर्षों से किया जा रहा है। इस बार आयोजन का 22वां वर्ष है। उन्होंने कहा कि हम प्रतिवर्षानुसार इस बार भी चैत्र प्रतिपदा, विक्रम संवत् 2079 नव संवत्सर के स्वागत में भोपाल के 'अटल पथ' (atal path) पर काव्यरस में सरोबार होकर पूरे शहर और समाज के साथ मिलकर नववर्ष का स्वागत करेंगे।
ये अतिथि होंगे कार्यक्रम में शामिल
बीजेपी विधायक (Rameshwar Sharma) ने आयोजन के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में देश के विभिन्न स्थानों से आए प्रख्यात कवि शिरकत करेंगे जिनमें सर्वश्री सत्यनारायण सत्तन, इंदौर (सर्वरस), तेज नारायण शर्मा मुरैना ( हास्य व्यंग्य), मदनमोहन समर सुल्तानपुर (वीररस), कविता तिवारी लखनऊ (राष्ट्रजागरण वीर रस), जॉनी बैरागी धार (हास्य रस), शशीकांत यादव देवास (वीर रस), कमलेश शर्मा इटावा (ओज गीत), पूनम वर्मा मथुरा (श्रृंगार), भुवन मोहनी ( श्रंगार), राजीव राज इटावा (गीतकार) आदि कविगण शामिल हैं। कवि सम्मेलन का मंच संचालन वीर रस के विख्यात कवि एवं मंच संचालक सत्यनारायण सत्तन द्वारा किया जाएगा। कवि सम्मेलन में 25 हजार से अधिक श्रोता मौजूद रहेंगे। रामेश्वर शर्मा ने कहा कि भारत की अपनी गौरवशाली संस्कृति है। नव सम्वतर से वर्ष की शुरूआत होने के प्राकृतिक एवं वैज्ञानिक तथ्य मिलते हैं। उन्होनें कहा कि आधुनिकता के अंधानुकरण की वजह से लोग पिछले लंबे समय से अपनी संस्कृति का गौरव भूलते जा रहे थे और पाश्चात्य सभ्यता का अनुशरण करने लगे थे।