Edited By meena, Updated: 02 Apr, 2026 05:44 PM

भोपाल जिला देहात का नजीराबाद थाना एक बड़े विवाद में घिर गया है। गांजा तस्करों को पकड़कर छोड़ने और चोरी के आरोपियों के पुलिस अभिरक्षा से फरार होने के मामले में सख्त कार्रवाई की गई है।
भोपाल (इजहार खान) : भोपाल देहात ज़िले का नजीराबाद थाना एक बड़े विवाद में घिर गया है। गांजा तस्करों को पकड़कर छोड़ने और चोरी के आरोपियों के पुलिस अभिरक्षा से फरार होने के मामले में सख्त कार्रवाई की गई है। पुलिस अधीक्षक (देहात) रामशरण प्रजापति के आदेश पर थाना प्रभारी एसआई अरुण शर्मा और आरक्षक मनोज धाकड़ को निलंबित कर दिया गया है। टीआई पर गांजा तस्करों से 1.70 लाख की वसूली कर बिना कार्रवाई किए छोड़ने का आरोप है।
जानकारी के मुताबिक, थाना प्रभारी अरुण शर्मा की टीम ने भोपाल के नजीराबाद थाना क्षेत्र के आरोपी सीताराम यादव उर्फ राधे यादव और जितेंद्र यादव को 30 मार्च को 430 ग्राम गांजा समेत हिरासत में लिया और थाने लेकर पहुंचे। जहां दोनों आरोपियों ने थाना प्रभारी अरुण शर्मा को गांजा बेचने की फिराक में ग्राहक की तलाश में घूमते हुए हिरासत में लिए जाने की बात बताई।
आरोप है कि तस्करों को थाने लाकर पीछे स्थित कमरे में रखा गया, जहां उनसे लेनदेन की बात हुई। बताया जा रहा है कि इस दौरान तस्करों की ओर से एक व्यक्ति भी मौके पर पहुंचा और कथित तौर पर सौदेबाजी के बाद उन्हें बिना किसी कानूनी कार्रवाई के छोड़ दिया गया। आरक्षक मनोज धाकड़ ने ही बिचौलिया का काम किया। कार्रवाई न करने के एवज में दोनों आरोपियों से लाखों रुपए की मांग की गई। आरोपियों और पुलिस के बीच 1.70 लाख रुपये में कार्रवाई न करने को लेकर सौदा तय हुआ। पैसे मिलने के बाद थाना प्रभारी ने आरोपियों पर बिना कार्रवाई किए थाने से छोड़ दिया।
सूत्रों के अनुसार, तस्करों से हुई इस डील का मामला बढ़ते-बढ़ते वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंच गया। पहले से ही चोरों के फरार होने का मामला तूल पकड़ चुका था, ऐसे में तस्करों को छोड़ने की खबर ने पूरे प्रकरण को और गंभीर बना दिया। दोनों मामलों को गंभीरता से लेते हुए एसपी देहात ने तत्काल प्रभाव से थाना प्रभारी और आरक्षक को निलंबित कर दिया है। मामले की विभागीय जांच जारी है।