Edited By meena, Updated: 10 Oct, 2026 08:02 PM

इस बार तीनों मंदिरों में करीब 9 हजार ज्योति कलश प्रज्वलित किए जाएंगे। वहीं श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए रेलवे, प्रशासन और पुलिस ने व्यापक इंतजाम किए हैं। सुरक्षा के लिए...
डोंगरगढ़ (अभिषेक नामदेव) : 11 अक्टूबर 2026 से शुरू हो रहे शारदीय नवरात्रि पर्व को लेकर विश्व प्रसिद्ध मां बम्लेश्वरी धाम में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस बार तीनों मंदिरों में करीब 9 हजार ज्योति कलश प्रज्वलित किए जाएंगे। वहीं श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए रेलवे, प्रशासन और पुलिस ने व्यापक इंतजाम किए हैं। सुरक्षा के लिए 1200 जवान तैनात रहेंगे, जबकि श्रद्धालुओं के लिए अतिरिक्त ट्रेनों और रोपवे की सुविधा उपलब्ध होगी।
मां बम्लेश्वरी मंदिर का इतिहास आस्था और परंपराओं से जुड़ा हुआ है। मंदिर से जुड़ी उपलब्ध ऐतिहासिक दस्तावेजों के अनुसार, लगभग 200 वर्ष पूर्व खैरागढ़ रियासत के राजा कमलनारायण सिंह ने मंदिर का निर्माण कराया था। आजादी के बाद राजा बीरेन्द्र बहादुर सिंह ने मंदिर के संचालन के लिए ट्रस्ट का गठन कराया, जो आज भी व्यवस्थाएं संभाल रहा है। नवरात्रि में देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रेलवे ने अतिरिक्त ट्रेनों का संचालन शुरू किया है। वहीं कई प्रमुख एक्सप्रेस ट्रेनों को डोंगरगढ़ स्टेशन पर अस्थायी ठहराव दिया गया है। इससे छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश सहित अन्य राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी। सुरक्षा के लिए करीब 1200 जवान मंदिर परिसर, पदयात्री मार्ग और रेलवे स्टेशन पर तैनात रहेंगे। वहीं भव्य मेले का आयोजन भी नीचे मंदिर समीप किया जाता है जो दूर-दूर से आने वाले माता के भक्तों और बच्चों के लिए मनोरंजन का केंद्र बना रहता है

नवरात्रि के दौरान रोपवे सुबह 7 बजे से रात 10 बजे तक संचालित होगा। रखरखाव के लिए इसे एक घंटे बंद रखा जाएगा। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रोपवे परिसर में कैंटीन और वातानुकूलित वेटिंग हॉल की व्यवस्था भी ट्रस्ट द्वारा की गई है। हजारों ज्योति कलशों की रोशनी, रेलवे की विशेष सुविधाओं और पुलिस की चाक-चौबंद सुरक्षा के बीच डोंगरगढ़ में शारदीय नवरात्रि महोत्सव की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। प्रशासन और मंदिर ट्रस्ट का प्रयास है कि श्रद्धालुओं को मां बम्लेश्वरी के दर्शन के दौरान सुरक्षित और सुविधाजनक अनुभव मिल सके।