Edited By Desh sharma, Updated: 02 Jan, 2026 03:30 PM

राजनीती में पद और पोस्ट की लालसा किसे नहीं होती है। हर कोई पोस्ट के लिए लालयित रहता है लेकिन जब मन मुताबिक कार्यकारिणी में स्थान न मिले तो बगावत और विद्रोह भी हो जाते हैं। वहीं कई नेता तनाव में भी चले जाते हैं।
(सीहोर): राजनीती में पद और पोस्ट की लालसा किसे नहीं होती है। हर कोई पोस्ट के लिए लालयित रहता है लेकिन जब मन मुताबिक कार्यकारिणी में स्थान न मिले तो बगावत और विद्रोह भी हो जाते हैं। वहीं कई नेता तनाव में भी चले जाते हैं। ऐसा ही मामला सामने आया है सीहोर से जहां सीहोर जिला कार्यकारिणी की लिस्ट जारी होते ही भाजपा नेता डिप्रेशन में चले गए और अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
जिला कार्यकारिणी में मनोज शर्मा को नहीं मिली जगह
दरअसल मध्यप्रदेश में भारतीय जनता पार्टी ने जो सीहोर जिला कार्यकारिणी की जो लिस्ट जारी की उसको लेकर नाराजगी का माहौल देखने को मिला। सूची के सामने आते ही कुछ असंतुष्ट भाजपा नेता बोल पाने में भी असमर्थ है, तो कुछ नेता डिप्रेशन में चले गए है।
जानकारी के मुताबिक भाजपा नेता और शहर के वार्ड नंबर 6 के बूथ अध्यक्ष मनोज शर्मा के साथ कुछ ऐसा ही पेश आया है। घरवालों ने उन्हें बस स्टैंड स्थित एक अस्पताल में भर्ती कराया है। दरअसल जिला कार्यकारिणी में नाम नहीं आने के कारण तनाव में चले गए हैं। मनोज शर्मा से इसे खुद के साथ अन्याय बताया है।
मनोज शर्मा ने कहा है कि उन्होंने हमेशा समर्पित होकर पार्टी के लिए कार्य किया है। सीनियर लीडर्स ने उन्हें बड़ा पद दिलाने का भरोसा दिलाया था लेकिन जिला कार्यकारिणी में उन्हें शामिल तक नहीं किया गया। मनोज शर्मा ने यहां तक आरोप लगाया है कि लिस्ट के सार्वजनिक होते ही किसी ने उनका कॉल तक उठाना मुनासिब नहीं समझा। इस चीज वो बड़े आहत हैं। वहीं दूसरी ओर कार्यकारिणी को लेकर कई और नेताओं में भी नाराजगी देखी जा रही है और उन्होंने सूची में बदलाव की मांग की है