Datia उपचुनाव:नरोत्तम के लिए बवाल काटने वाले BJP नेता टारगेट पर! टिकट के विरोध पर गंभीर हाईकमान, होगा तगड़ा एक्शन

Edited By Desh Raj, Updated: 19 Jul, 2026 08:12 PM

bjp leaders who stirred up trouble for narottam are now under scrutiny

दतिया उपचुनाव में भाजपा में टिकट के बाद हुए बवाल के बाद पार्टी ने इसे गंभीरता से लिया है ।  टिकट वितरण के बाद सामने आए विरोध और इस्तीफों ने भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व को संगठनात्मक स्तर पर बड़ा संदेश दिया है।

(डेस्क): दतिया उपचुनाव में भाजपा में टिकट के बाद हुए बवाल के बाद पार्टी ने इसे गंभीरता से लिया है ।  टिकट वितरण के बाद सामने आए विरोध और इस्तीफों ने भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व को संगठनात्मक स्तर पर बड़ा संदेश दिया है। इस उपचुनाव के बाद  पार्टी पूरे संगठन को अनुशासन की कसौटी पर कसने की तैयारी पर है।सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, विधायकों और मंत्रियों की सिफारिश पर बने ऐसे जिलाध्यक्ष, जिनकी निष्ठा संगठन से अधिक नेता के प्रति ज्यादा है  उन्हें पद से हटाया जा सकता है। खबर है कि  ऐसे एक दर्जन से अधिक जिलाध्यक्षों की सूची तैयार की जा चुकी है।

भाजपा केंद्रीय नेतृत्व ने प्रदेश संगठन को साफ संदेश दिया है कि संगठनात्मक पदों पर बैठे पदाधिकारियों की पहली जवाबदेही पार्टी के प्रति होनी चाहिए, न कि किसी व्यक्ति विशेष के लिए। दतिया में प्रत्याशी चयन के बाद जिला संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के सामूहिक इस्तीफों के साथ ही खुले तौर से  विरोध को नेतृत्व ने गंभीर अनुशासनहीनता माना है और इस दिशा में काम करना शुरु कर दिया है।माना जा रहा है कि भाजपा नेतृत्व इसके बारे में गंभीर है  

उपचुनाव के बाद शुरू होगी संगठन की समीक्षा

सूत्रों के मुताबिक दतिया उपचुनाव समाप्त होने के बाद ही प्रदेश के सभी संगठनात्मक जिलों की समीक्षा की जाएगी। जिलाध्यक्षों और प्रमुख पदाधिकारियों के कामकाज, संगठन के प्रति सक्रियता का मूल्यांकन किया जाएगा । जिन पदाधिकारियों का झुकाव संगठन से ज्यादा मंत्री, सांसद या विधायक की ओर होगा उन पर गाज गिर सकती है।

पार्टी का मानना है कि संगठनात्मक पद किसी नेता की सिफारिश से नहीं, बल्कि संगठन के प्रति प्रतिबद्धता के आधार पर चलने चाहिए। इसी के चलते अब जिलाध्यक्षों की कार्यशैली का परीक्षण किया जाएगा, क्योंकि दतिया उपचुनाव में पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को टिकट नहीं मिलने के बाद जिला अध्यक्ष सहित कई पदाधिकारियों ने इस्तीफा दे दिया था और कई कार्यकर्ताओं ने खुलेआम पार्टी टिकट का विरोध जताया था। लिहाजा  सार्वजनिक विरोध को पार्टी ने अनुशासनहीनता माना है।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!