पत्नी को गोद में लेकर इमरजेंसी वार्ड तक पहुंचा पति, नहीं मिले डॉक्टर...सरकारी अस्पताल से सामने आई दिल दुखाने वाली तस्वीर

Edited By meena, Updated: 08 Sep, 2025 04:58 PM

chhatarpur  husband carries his wife to the emergency ward in his arms

छतरपुर जिला अस्पताल में अवस्थाएं बनी हुई है जिला प्रशासन ध्यान नहीं दे रहा है...

छतरपुर (राजेश चौरसिया) : छतरपुर जिला अस्पताल में अवस्थाएं बनी हुई है जिला प्रशासन ध्यान नहीं दे रहा है। मरीज को एंबुलेंस नहीं मिली। वहीं अस्पताल में वार्ड बॉय गंभीर मरीजों की कोई मदद नहीं करता। मामले में एक पति अपनी पत्नी को गंभीर अवस्था में गोद में उठाकर अस्पताल में ले गया जिसका वीडियो सामने आया है। इतना ही नहीं इमरजेंसी में डॉक्टर मौजूद नहीं मिले। जब वह वीडियो बनाने लगा तो बाहर डॉक्टर भड़क गया। वहीं मामले की शिकायत पर सीएमएचओ ने जांच की बात कही है।

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यह है पूरा मामला..

मामला रविवार की शाम का है। जहां जिला अस्पताल की इमरजेंसी में डॉ नीरज सोनी की ड्यूटी लगाई गई थी। ड्यूटी के दौरान उनके साथ बगल में उनका बॉडीगार्ड कुर्सी पर बैठा दिखाई दिया। अस्पताल के अंदर ही 50 फीट की दूरी पर पुलिस चौकी बनाई गई है जिसमें दो पुलिसकर्मी 24 घंटे ड्यूटी पर तैनात रहते हैं। 2 गेट पर 4 गार्डों की ड्यूटी भी लगाई गई है। वहीं लोगों का कहना है कि जब इतनी सुरक्षा व्यवस्था अस्पताल में है तो पर्सनल बॉडीगार्ड अस्पताल में लाने की क्या जरूरत है। लोगों को इलाज करते समय परेशानी का सामना करना पड़ता है।

भड़क गये डॉक्टर..

यहां अस्पताल में इमरजेंसी में डॉक्टर 24 घंटे बैठने की निर्देश दिए गए हैं। सोमवार की सुबह 10 बजे इमरजेंसी में डॉक्टर आशीष शुक्ला की ड्यूटी लगाई गई लेकिन उनकी जगह पर ड्यूटी पर राजकुमार अवस्थी नजर आए वीडियो बनाने पर डॉक्टर राजकुमार अवस्थी भड़क गए।

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नहीं हो रहा सुधार..

ड्यूटी के संबंध में जब हेल्प नंबर पर बात की गई मौजूद व्यक्ति ने बताया कि ड्यूटी डॉ.आशीष शुक्ला की है मौजूद राजकुमार अवस्थी हैं। पिछले बुधवार को लगातार शिकायत मिलने के कारण कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने अस्पताल का निरीक्षण किया था लेकिन उसके बाद भी कोई सुधार नहीं हुआ है।

पीड़ित बोला..

पीड़ित नोने ने बताया कि वह गौरीहार का रहने वाला है। उसकी पत्नी मीरा की कई दिनों से तबीयत खराब है। उसे स्वास खांसी की बीमारी है। नजदीकी अस्पताल में इलाज कराया लेकिन आराम नहीं लगा तो उसे जिला अस्पताल लाना पड़ा। डॉक्टर ने जिला अस्पताल के लिए बोला था। एंबुलेंस नहीं मिली तो बस से 350 रुपये किराया देकर अस्पताल आए। अस्पताल के बाहर स्टेचर नहीं मिला। जमीन पर बैठे थे। गार्ड ने उसकी मदद नहीं की। गोद में उठाकर इमरजेंसी में लेकर गया लेकिन वहां डॉक्टर मौजूद नहीं थे।

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CMHO बोले..

सीएमएचओ आरपी गुप्ता ने बताया कि इमरजेंसी में एक डॉक्टर मौजूद रहता है। उसे ही चारों वार्डों, गंभीर मरीजों को देखने जाना पड़ता है। इसकी जल्दी व्यवस्था की जाएगी। संबंधित मामले में जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।

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