CM यादव ने कर्मयोगी बहनों को फ्री में बांटी E-साइकिलें, महिलाओं के खिले चेहरे, बोले-वैश्विक संकट में दौर में EV सबसे अच्छा विकल्प

Edited By Desh Raj, Updated: 26 May, 2026 08:08 PM

cm yadav distributed free e cycles to  karmayogi  sisters

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 26 मई को उज्जैन में महिला कर्मयोगी बहनों को नि:शुल्क ई-साइकिलें बांटी। उन्होंने सीएसआर फंड के जरिये महिलाओं को 40 ई-साइकिलें दीं। इस मौके पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश...

(भोपाल): मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 26 मई को उज्जैन में महिला कर्मयोगी बहनों को नि:शुल्क ई-साइकिलें बांटी। उन्होंने सीएसआर फंड के जरिये महिलाओं को 40 ई-साइकिलें दीं। इस मौके पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश निरंतर प्रगति कर रहा है। मध्यप्रदेश सरकार महिला सशक्तिकरण को गति देने के लिए संकल्पित है। प्रदेश की सभी माताएं-बहनें अपने जीवन में सुख-समृद्धि, आनंद और वैभव प्राप्त करें। दुनियाभर में पेट्रोल-डीजल से दाम बढ़ रहे हैं। आज महिला कर्मयोगी बहनों को नि:शुल्क मिलीं ई-साइकिलें उन्हें शक्ति प्रदान करेंगी।

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वैश्विक ऊर्जा संकट के दौर में इलेक्ट्रिक व्हीकल सबसे अच्छे विकल्प हैं। उन्होंने ई-साइकिलें उपलब्ध कराने वाली कंपनी के प्रयास को सराहा और लाभ प्राप्त करने वाली बहनों के बधाई दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जल संवर्धन की दिशा में लगातार तीसरे वर्ष विकास कार्यों को गति दे रही है। प्रदेश में जल गंगा संरक्षण महाभियान के जरिए गुड़ी पड़वा से लेकर 30 जून तक लगभग 10 हजार करोड़ से अधिक लागत के लगभग 2 लाख से अधिक कार्य किए जा रहे हैं। इनमें नदी, तालाब, पोखर, कुएं, बावड़ियों के जीर्णोद्धार के कार्य किए जा रहे हैं। प्रमुख नदियों के उद्गम स्थलों पर जल संरक्षण के लिए विशेष गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि जल संरक्षण के कार्यों के लिए मध्यप्रदेश को देश में प्रथम स्थान मिला है। यह प्रदेशवासियों के परिश्रम का फल है।

भोजशाला के निर्णय का सभी वर्ग के लोगों ने किया सम्मान

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि धार स्थित भोजशाला में गंगा दशहरा उत्सव धूमधाम से मनाया गया। भोजशाला के संबंध में आए उच्च न्यायालय के फैसले का हिंदू-मुस्लिम सहित सभी वर्ग के लोगों ने सम्मान किया है। पहले अयोध्या में प्रभु श्रीराम के मंदिर निर्माण और वर्तमान दौर में धार की भोजशाला को लेकर हमारे मतों में भिन्नता हो सकती है, लेकिन न्यायालय का मत सर्वोपरि होता है। राज्य सरकार न्यायालय के निर्णय को सफलतापूर्वक लागू करा रही है।

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