Edited By meena, Updated: 28 Jul, 2026 05:41 PM

सीधी जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मझौली के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर विकास मिश्रा के सख्त तेवर देखने को मिले। स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही और कार्यप्रणाली को लेकर..
सीधी (सूरज शुक्ला) : सीधी जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मझौली के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर विकास मिश्रा के सख्त तेवर देखने को मिले। स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही और कार्यप्रणाली को लेकर उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जिम्मेदारी के साथ काम नहीं किया गया तो सेवा से बर्खास्तगी तक की कार्रवाई की जा सकती है। उन्होंने दो टूक कहा कि कार्रवाई के बाद हाईकोर्ट जाते रहना, लेकिन प्रशासन को जनता के काम चाहिए, बहानेबाजी नहीं।
कलेक्टर ने कहा कि स्वास्थ्य व्यवस्था सीधे लोगों के जीवन से जुड़ा अत्यंत महत्वपूर्ण और संवेदनशील विषय है। अस्पताल में आने वाला प्रत्येक मरीज बेहतर उपचार और आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाओं की उम्मीद लेकर आता है। ऐसे में मरीजों के इलाज में किसी भी स्तर की लापरवाही, उदासीनता अथवा अनावश्यक देरी को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं, कर्मचारियों की उपस्थिति, मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं और उपचार व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देश दिए कि अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को उपचार और स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े। शासन की स्वास्थ्य योजनाओं और सेवाओं का लाभ आमजन को समय पर उपलब्ध कराया जाए।
कलेक्टर विकास मिश्रा ने कहा कि शासकीय सेवा का मूल उद्देश्य आम जनता को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराना है। इसलिए सभी अधिकारी और कर्मचारी अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरता से निर्वहन करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही का सीधा असर आम लोगों के जीवन पर पड़ता है, इसलिए कार्य में किसी भी प्रकार की उदासीनता मिलने पर संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर के सख्त निर्देशों के बाद स्वास्थ्य केंद्र के अधिकारियों एवं कर्मचारियों में हड़कंप की स्थिति रही। अब निरीक्षण के बाद स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं में कितना सुधार होता है और निर्देशों का पालन किस स्तर तक सुनिश्चित किया जाता है, यह देखने वाली बात होगी।