Edited By Desh Raj, Updated: 28 Jul, 2026 08:49 PM

दतिया विधानसभा उपचुनाव अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। मतदान में 1 दिन शेष हैं लेकिन भाजपा, कांग्रेस और बहुजन समाज पार्टी ने चुनाव प्रचार में पूरी ताकत झोंक दी है। इस उपचुनाव में सबसे अधिक चर्चा भारतीय जनता पार्टी द्वारा पूर्व गृह मंत्री एवं...
(अंकुर जैन): दतिया विधानसभा उपचुनाव अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। मतदान में 1 दिन शेष हैं लेकिन भाजपा, कांग्रेस और आजाद समाज पार्टी ने चुनाव प्रचार में पूरी ताकत झोंक दी है। इस उपचुनाव में सबसे अधिक चर्चा भारतीय जनता पार्टी द्वारा पूर्व गृह मंत्री एवं वरिष्ठ नेता डॉ. नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटकर आशुतोष तिवारी को प्रत्याशी बनाए जाने की रही है।
टिकट घोषित होने के बाद डॉ. नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों में नाराजगी खुलकर सामने आई। कई स्थानों पर विरोध प्रदर्शन हुए, सड़क जाम किए गए और पार्टी के कुछ पदाधिकारियों ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपने इस्तीफे प्रदेश नेतृत्व को भेज दिए। यह घटनाक्रम प्रदेश की राजनीति में चर्चा का विषय बना रहा।
इसके बाद भाजपा नेतृत्व ने स्थिति संभालने के लिए डॉ. मिश्रा को भोपाल तलब किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ उनकी बैठक हुई। इसके बाद डॉ. मिश्रा दिल्ली भी गए, जहां उन्होंने केंद्रीय नेतृत्व से मुलाकात का प्रयास किया। बाद में वे दतिया लौटे और भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी के नामांकन, रोड शो तथा चुनाव प्रचार में सक्रिय रूप से शामिल हुए।
कांग्रेस ने अपने वरिष्ठ नेता घनश्याम सिंह को चुनाव मैदान में उतारा है, जबकि बहुजन समाज पार्टी ने दामोदर यादव को प्रत्याशी बनाया है। दामोदर यादव पहले कांग्रेस से जुड़े रहे हैं। उनके मैदान में उतरने से मुकाबला त्रिकोणीय होने की संभावना भी जताई जा रही है।
राजनीतिक हलकों में अब सबसे अधिक चर्चा डॉ. नरोत्तम मिश्रा की भूमिका को लेकर है। टिकट कटने के बावजूद वे भाजपा प्रत्याशी के साथ लगातार प्रचार कर रहे हैं। ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि उनके समर्थक किस हद तक भाजपा के पक्ष में सक्रिय रहते हैं। दूसरी ओर, कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह भी अपने जनसंपर्क अभियान में पूरी ताकत लगाए हुए हैं।
अब सभी की निगाहें मतदान दिवस पर टिकी हैं। चुनाव परिणाम यह तय करेंगे कि भाजपा संगठन की रणनीति सफल होती है, कांग्रेस वापसी करती है या दामोदर यादव चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर मुकाबले को नया मोड़ देते हैं।