Edited By Himansh sharma, Updated: 25 Jul, 2026 07:30 PM

मध्य प्रदेश के दतिया उपचुनाव में पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा को भारतीय जनता पार्टी से टिकट नहीं मिलने के बाद उनकी भावुकता अब राजनीतिक चर्चा का विषय बन गई है।
भोपाल/दतिया। मध्य प्रदेश के दतिया उपचुनाव में पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा को भारतीय जनता पार्टी से टिकट नहीं मिलने के बाद उनकी भावुकता अब राजनीतिक चर्चा का विषय बन गई है। एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान भावुक हुए नरोत्तम मिश्रा की आंखों से आंसू छलक पड़े थे। इस घटनाक्रम के बाद भाजपा के भीतर से ही अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं।
गुना से भाजपा विधायक पन्नालाल शाक्य ने मीडिया से बातचीत में इस मुद्दे पर अपनी राय रखते हुए कहा कि राजनीति में ऐसे क्षण कई नेताओं के जीवन में आते हैं। उन्होंने अपने अनुभव का जिक्र करते हुए कहा कि वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में उनका भी टिकट काट दिया गया था। उस समय वे भी भावुक हुए थे और उनकी आंखों से आंसू निकले थे, लेकिन उनके आंसू पोंछने कोई नहीं आया। ऐसे में अब वे किसी दूसरे की स्थिति पर टिप्पणी करने से अधिक पार्टी के निर्णय का सम्मान करना उचित मानते हैं।
पन्नालाल शाक्य ने पार्टी के फैसले का समर्थन करते हुए कहा कि संगठन समय-समय पर नए चेहरों को अवसर देता है। उनके मुताबिक, यदि वरिष्ठ नेताओं की जगह खाली नहीं होगी तो नई पीढ़ी को आगे आने का मौका कैसे मिलेगा। उन्होंने इसे संगठन की स्वाभाविक प्रक्रिया बताते हुए कहा कि भाजपा में निर्णय सामूहिक सोच के आधार पर लिए जाते हैं।
दतिया उपचुनाव के बीच नरोत्तम मिश्रा को टिकट नहीं मिलने और उसके बाद सामने आए भावुक दृश्य ने राजनीतिक हलकों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। हालांकि पार्टी की ओर से इस विषय पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन नेताओं के व्यक्तिगत बयान इस मुद्दे को लगातार चर्चा में बनाए हुए हैं।