Edited By Desh Raj, Updated: 20 Jul, 2026 12:37 AM

दतिया उप चुनाव को लेकर कांग्रेस और भाजपा में जबरदस्त घमासान चल रहा है। इसी बीच कांग्रेस के लिए एक बहुत बड़ी झटके वाली खबर सामने आ रही है। इस हाई-प्रोफाइल उपचुनाव से ठीक पहले एक बहुत बड़ा राजनीतिक उलटफेर हो गया है।
(दतिया): दतिया उप चुनाव को लेकर कांग्रेस और भाजपा में जबरदस्त घमासान चल रहा है। इसी बीच कांग्रेस के लिए एक बहुत बड़ी झटके वाली खबर सामने आ रही है। इस हाई-प्रोफाइल उपचुनाव से ठीक पहले एक बहुत बड़ा राजनीतिक उलटफेर हो गया है। दतिया राजपरिवार से बड़े नाम के तौर पर पहचाने वाले महाराज गोविंद देव ने भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया है। इससे ने केवल दतिया बल्कि पूरे प्रदेश की सियासत में हलचल तेज हो गई है।
गौर करने वाली बात है कि कांग्रेस ने इस उपचुनाव में इसी राजपरिवार के ही घनश्याम सिंह को अपना प्रत्याशी बनाया है, लेकिन अब राजपरिवार के गोविंद सिंह ने बीजेपी को ज्वाइन कर लिया है जिसके कांग्रेस के लिए मुश्किल खड़ी हो सकती है। जानकारी के मुताबिक महाराज गोविंद देव को बीजेपी में सदस्यता भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने करवाई है। बीजेपी आईटी सेल कार्यालय में एक विशेष कार्यक्रम के दौरान महाराज गोविंद देव को बीजेपी की सदस्यता दिलाई गई। महाराज गोविंद सिंह के गले में बकायदा भगवा गमछा डाल कर ज्वाइनिंग करवाई है।
महाराज गोविंद देव का भाजपा में आना चुनावी समीकरणों को पूरी तरह से बदल सकता है। कांग्रेस की ओर से राजपरिवार के घनश्याम सिंह उम्मीदवार तो लाजमी है कि महाराज गोविंद देव के भाजपा में शामिल होने से कांग्रेस की दिक्कतें बढ़ सकती हैं। महाराज गोविंद देव के इस फैसले के बाद राजपरिवार और कांग्रेस खेमे में हलचल देखी जा सकती है। वहीं राजनीतिक जानकार मान रहे हैं कि उपचुनाव के कुछ दिन पहले गोविंद देव का भाजपा में आना कांग्रेस को नुकसान पहुंचा सकता है। इससे पहले गोविंद सिंह ने कांग्रेस प्रत्याशी पर गंभीर आरोप भी लगाए थे।
इसके साथ ही शिवसेना जिलाध्यक्ष रवि दीक्षित , विष्णु दीक्षित और शिशुपाल समेत कई कार्यकर्ताओं ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की है।