Edited By Desh Raj, Updated: 16 Jul, 2026 11:01 PM

दतिया में सियासी घमासान तेज हो चुका है, दोनों पार्टियां एक दूसरे को धूल चटाने के लिए पूरा जोर लगा रही हैं। इसी बीच दोनों दलों के लिए अपने-अपने नेताओं के बयान और रुख भी चिंता का सबब बने हुए हैं।
(दतिया): दतिया में सियासी घमासान तेज हो चुका है, दोनों पार्टियां एक दूसरे को धूल चटाने के लिए पूरा जोर लगा रही हैं। इसी बीच दोनों दलों के लिए अपने-अपने नेताओं के बयान और रुख भी चिंता का सबब बने हुए हैं। जहां बीजेपी से टिकट कटने के बाद नरोत्तम समर्थकों ने बवाल किया था वहीं कांग्रेस के बड़े नेता अवधेश नायक के बोल भी पार्टी के सांसत में डाल रहे औऱ उनके रुख से साफ है कि वो बड़ा फैसला ले सकते हैं।
दरअसल दतिया विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अवधेश नायक अचानक चुनावी राजनीति के केंद्र में आ गए हैं। कांग्रेस और भाजपा, दोनों ही दल उन्हें अपने पक्ष में बनाए रखने अथवा साधने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। कांग्रेस नायक को मनाने में जुटी है, जबकि भाजपा उन्हें अपने पाले में लाने की संभावनाएं तलाश रही है। वहीं राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नायक का रुख उपचुनाव के समीकरणों पर निर्णायक असर डाल सकता है क्योकि वो क्षेत्र की राजनीति में पकड़ रखते हैं। भाजपा ने भी इस राजनीतिक अवसर को भुनाने की कवायद तेज कर दी है। भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी अवधेश नायक के घर पहुंचे और उनसे मुलाकात की थी।
दतिया उपचुनाव में अबनजर अवधेश नायक के अगले राजनीतिक कदम पर है। टिकट नहीं मिलने से उपजा असंतोष पूरी तरह समाप्त हुआ है और वो लगातार इस बात को बोल रहे हैं। राजनीतिक दलों की नजर बनी हुई है। उनके बारे में कहा जा रहा है कि यदि वो दिल और पूरी सक्रियता से कांग्रेस पक्ष में प्रचार करते हैं तो मुकाबले की दिशा बदल सकती है। वहीं दूसरी ओर उनकी निष्क्रियता नए समीकरण पैदा कर सकती है। लिहाजा नजर उनके अगले कदम पर है।