Edited By Desh Raj, Updated: 28 Jul, 2026 09:25 PM

दतिया विधानसभा उपचुनाव की सरगर्मियों के बीच मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। एससी-एसटी एक्ट मामले में मध्य प्रदेश राज्य अनुसूचित जाति आयोग ने कड़ा रुख अपनाया है।
(भोपाल): दतिया विधानसभा उपचुनाव की सरगर्मियों के बीच मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। एससी-एसटी एक्ट मामले में मध्य प्रदेश राज्य अनुसूचित जाति आयोग ने कड़ा रुख अपनाया है। दरअसल, भाजपा नेत्री और पूर्व मंत्री इमरती देवी की शिकायत पर आयोग के अध्यक्ष डॉ कैलाश जाटव ने ग्वालियर पुलिस को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
क्या है पूरा मामला?
पूरा मामला लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान की गई विवादित टिप्पणी से है। जीतू पटवारी ने मीडिया से चर्चा के दौरान 2 मई 2024 को पूर्व मंत्री इमरती देवी को लेकर कथित तौर पर कहा था कि “इमरती जी का अब रस खत्म हो गया, अंदर जो चाशनी होती है।” इस टिप्पणी को इमरती देवी ने अपमानजनक और अमर्यादित बताते हुए 3 मई 2024 को ग्वालियर के डबरा सिटी थाने में मामला दर्ज कराया था। जिसमें इमरती देवी ने आरोप लगाते हुए कहा था कि जीतू पटवारी ने उनका सार्वजनिक रूप से अपमान किया है और अनुसूचित जाति की महिला होने के कारण उनकी गरिमा को भी ठेस पहुंचाई। इन आरोपों के आधार पर पर डबरा सिटी थाना पुलिस ने एससीएसटी एक्ट व विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था।
इसी मामले को लेकर अब राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष डॉ कैलाश जाटव ने ग्वालियर पुलिस की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई और कहा कि सालों से पेडिंग पड़े एससी-एसटी एक्ट से जुड़े मामलों में ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।
जीतू पटवारी मिल नहीं रहे पुलिस के जवाब पर डॉ कैलाश जाटव ने नाराजगी जताते हुए कहा कि पुलिस का यह कहना उचित नहीं है। जीतू पटवारी इन दिनों दतिया विधानसभा उपचुनाव में लगातार चुनाव प्रचार कर रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जीतू पटवारी को तत्काल तामील कराया जाए और जल्द से जल्द इस मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जाए। फिलहाल दतिया विधानसभा उपचुनाव के बीच यदि डबरा पुलिस कोई एक्शन लेती है तो कांग्रेस अध्यक्ष की मुश्किलें बढ़ना लाजमी है।