Edited By meena, Updated: 26 Mar, 2026 05:57 PM

नगर पालिका में आज का दिन बेहद अहम और हलचल भरा रहा, जहां एक ओर भ्रष्टाचार और लापरवाही के मामलों पर कड़ी कार्रवाई होती दिखी, तो वहीं दूसरी ओर शहरवासियों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर भी...
डबरा (भरत रावत) : नगर पालिका में आज का दिन बेहद अहम और हलचल भरा रहा, जहां एक ओर भ्रष्टाचार और लापरवाही के मामलों पर कड़ी कार्रवाई होती दिखी, तो वहीं दूसरी ओर शहरवासियों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर भी सामने आई। मुख्य नगर पालिका अधिकारी साक्षी भारद्वाज ने साफ कर दिया है कि अब नगर पालिका में लापरवाही और भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति लागू होगी। कर्मचारियों की अनुपस्थिति, गौशाला की अव्यवस्थाएं और ऑनलाइन रसीद घोटाले जैसे मामलों पर सख्त रुख अपनाया गया है।
वहीं नगर पालिका के विशेष सम्मेलन में विपक्षी पार्षद धर्मेंद्र ‘हैप्पी’ सरदार ने 50 करोड़ की नल-जल योजना में कथित भ्रष्टाचार को लेकर बड़ा खुलासा करते हुए प्रशासन को कटघरे में खड़ा किया, जिसके बाद परिषद को कई सख्त फैसले लेने पड़े। लेकिन इन सबके बीच सबसे बड़ी और राहत देने वाली खबर यह है कि लंबे समय से लंबित पड़ा सीवरेज प्रोजेक्ट अब जमीन पर उतरने जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, आगामी 10 से 15 दिनों के भीतर इस बहुप्रतीक्षित परियोजना का काम शुरू कर दिया जाएगा, जिससे शहर की सबसे बड़ी समस्याओं में से एक—गंदे पानी और जलभराव—से निजात मिलने की उम्मीद जगी है।
अब देखना होगा कि एक तरफ जहां भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई होती है, वहीं दूसरी ओर विकास के ये दावे धरातल पर कितनी तेजी से उतरते हैं। नगर पालिका परिषद डबरा में इन दिनों प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहा है। मुख्य नगर पालिका अधिकारी साक्षी भारद्वाज ने स्पष्ट कर दिया है कि लापरवाही और भ्रष्टाचार किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
हाल ही में अनुपस्थित पाए गए कर्मचारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए हैं। वहीं गौशाला में चारे की कमी को गंभीर लापरवाही मानते हुए संबंधित प्रभारी पर भी कार्रवाई तय की गई है।सबसे बड़ा मामला ऑनलाइन रसीद घोटाले का सामने आया है, जिस पर कलेक्टर स्तर से जांच टीम गठित हो चुकी है, साथ ही संचालनालय से भी जांच के आदेश दिए गए हैं।

इधर नगर पालिका के विशेष सम्मेलन में विपक्षी पार्षद धर्मेंद्र ‘हैप्पी’ सरदार ने 50 करोड़ की नल-जल योजना में भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए कहा कि बिना परिषद की अनुमति के योजना को कागजों में पूर्ण दिखा दिया गया, जबकि कई वार्ड आज भी पानी से वंचित हैं।
सम्मेलन के दौरान रसीद डिलीटिंग घोटाले में संलिप्त पाए गए आरआई उपेंद्र परमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। वहीं गौशाला और सफाई व्यवस्था को लेकर स्वास्थ्य अधिकारी पर निंदा प्रस्ताव पारित कर उनकी वेतन वृद्धि रोकने का निर्णय लिया गया।
सबसे अहम बात यह रही कि सीवरेज प्रोजेक्ट को लेकर स्थिति अब स्पष्ट हो गई है और आगामी 10 से 15 दिनों के भीतर काम शुरू होने की पुष्टि की गई है, जिससे शहरवासियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।