Edited By Desh Raj, Updated: 13 Mar, 2026 10:31 PM

बेमेतरा नगर पालिका सीएमओ के निलंबन पर छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने बडा फैसला दिया है। कोर्ट ने सीएमओ को निलंबन पर अंतरिम रोक लगा दी है। दरअसल छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने बेमेतरा नगर पालिका के मुख्य नगर पालिका अधिकारी नरेश कुमार वर्मा को राहत देते हुए उनके...
(बिलासपुर): बेमेतरा नगर पालिका सीएमओ के निलंबन पर छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने बडा फैसला दिया है। कोर्ट ने सीएमओ को निलंबन पर अंतरिम रोक लगा दी है। दरअसल छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने बेमेतरा नगर पालिका के मुख्य नगर पालिका अधिकारी नरेश कुमार वर्मा को राहत देते हुए उनके निलंबन आदेश पर अगली सुनवाई तक अंतरिम रोक लगा दी है। कोर्ट ने राज्य सरकार के आदेश पर रोक लगाते हुए संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी करके जवाब प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
सीएमओ के लिए अधिवक्ता संदीप दुबे और मानस वाजपेयी ने पैरवी की
दरअसल इस केस में याचिकाकर्ता नरेश कुमार वर्मा की ओर से अधिवक्ता संदीप दुबे और मानस वाजपेयी ने सीएमओ का पक्ष रखा। उन्होंने कोर्ट में तर्क दिया कि नरेश वर्मा का मूल पद लेखाकार का है और उनकी सेवा शर्तें छत्तीसगढ़ नगर निगम (कर्मचारी भर्ती एवं सेवा शर्तें) नियम 1968 के तहत आती हैं लेकि राज्य सरकार ने उनका निलंबन छत्तीसगढ़ राज्य नगर पालिका सेवा भर्ती एवं सेवा शर्तें नियम 2017 के तहत किया है। यह इस मामले में लागू नहीं होता है।
मामले में एक अहम पक्ष ये भी दिया गया
CMO नरेश वर्म की ओर से अधिवक्ताओं ने एक तर्क यह भी रखा कि 1968 के नियमों के अनुसार किसी कर्मचारी को निलंबित करने का अधिकार अनुशासनात्मक प्राधिकारी का ही लेकिनन राज्य सरकार न तो नियुक्ति प्राधिकारी है और न ही अनुशासनात्मक प्राधिकारी है। इसलिए जारी निलंबन आदेश नियमों के विपरीत है।
राज्य सरकार ने भी रखा पक्ष
इस मामले में राज्य सरकार की ओर से दलील दी कि नरेश कुमार मुख्य नगर पालिका अधिकारी के कार्यवाहक पद पर पदस्थ थे, जो कि 2017 के नियमों के अंतर्गत एक कार्यकारी पद माना जाता है। ऐसे में वे 2017 के सेवा नियमों के तहत आते हैं और उसी आधार पर निलंबन आदेश जारी किया गया है। लिहादा दोनों पक्षों के सुनन के बाद कोर्ट ने राज्य सरकार द्वारा 24 फरवरी 2026 को जारी निलंबन आदेश पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है।