Edited By Vandana Khosla, Updated: 28 Jul, 2026 04:54 PM

गुना (मिसबाह नूर): ग्रामीण इलाकों में जारी लगातार अघोषित बिजली कटौती, खस्ताहाल सड़कों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की बदहाली किस कदर मासूम जिंदगियों पर भारी पड़ रही है, इसका खौफनाक उदाहरण गुना जिले के बमोरी ब्लॉक के ग्राम चाकरी में देखने को मिला।...
गुना (मिसबाह नूर): ग्रामीण इलाकों में जारी लगातार अघोषित बिजली कटौती, खस्ताहाल सड़कों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की बदहाली किस कदर मासूम जिंदगियों पर भारी पड़ रही है, इसका खौफनाक उदाहरण गुना जिले के बमोरी ब्लॉक के ग्राम चाकरी में देखने को मिला। यहां अंधेरे के कारण सर्पदंश की शिकार हुई 45 साल की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की इलाज के अभाव और अस्पताल पहुंचने में हुई देरी के चलते मौत हो गई।
बमोरी थाना क्षेत्र के ग्राम चाकरी निवासी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सीताबाई भील सोमवार शाम लगभग 7 बजे अपने घर के दरवाजे से बाहर निकल रही थीं। गांव में बिजली न होने के कारण चारों तरफ गहरा अंधेरा छाया हुआ था। अंधेरे के चलते उनका पैर अचानक वहीं मौजूद एक जहरीले सांप पर पड़ गया, जिसने उन्हें डस लिया। घटना के तुरंत बाद परिजन महिला को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र, ग्राम विशनवाड़ा लेकर पहुंचे। लेकिन स्वास्थ्य केंद्र की बदहाली का आलम यह था कि वहां कोई भी चिकित्सक या स्वास्थ्यकर्मी मौजूद नहीं मिला।

मजबूरन परिजन महिला को लेकर ग्राम पाटन स्थित एक निजी चिकित्सक के पास पहुंचे, लेकिन वहां भी सही और त्वरित उपचार नहीं मिल सका। स्थिति बिगड़ती देख परिजन आनन-फानन में महिला को लेकर बमोरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के लिए रवाना हुए। परिजनों ने बताया कि ग्राम चाकरी से बमोरी की 35 किलोमीटर दूरी तय करने में ही लगभग एक घंटा केवल इसलिए बर्बाद हो गया क्योंकि सड़क पूरी तरह जर्जर और खराब थी। समय पर सही इलाज न मिल पाने के कारण महिला ने बमोरी पहुंचने से पहले ही रास्ते में दम तोड़ दिया।
मंगलवार सुबह मृतका के शव का पोस्टमार्टम गुना जिला अस्पताल में कराया गया, जिसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की इस तरह हुई असमयिक मौत से क्षेत्र में शोक और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश है। चौंकाने वाली बात यह है कि बीते महज एक सप्ताह के भीतर बमोरी क्षेत्र में सर्पदंश से यह तीसरी मौत है, और इन सभी घटनाओं के पीछे क्षेत्र में गहराया बिजली संकट एक प्रमुख कारण बनकर उभरा है। इन जानलेवा मामलों ने बिजली कंपनी की अव्यवस्थाओं और दावों की भी पोल खोलकर रख दी है।