जिला पंचायत में अतिरिक्त प्रभार पर विवाद, CEO के आदेशों पर उठे सवाल

Edited By meena, Updated: 22 Jul, 2026 07:16 PM

dispute over additional charge at sidhi district panchayat

सीधी जिला पंचायत सीधी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) शैलेन्द्र सिंह सोलंकी एक बार फिर विभिन्न प्रशासनिक आदेशों और अतिरिक्त प्रभार दिए जाने की प्रक्रिया को...

सीधी (सूरज शुक्ला) : सीधी जिला पंचायत सीधी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) शैलेन्द्र सिंह सोलंकी एक बार फिर विभिन्न प्रशासनिक आदेशों और अतिरिक्त प्रभार दिए जाने की प्रक्रिया को लेकर चर्चा में हैं। कुछ कर्मचारियों और जनप्रतिनिधियों की ओर से आरोप लगाए जा रहे हैं कि पंचायत राज अधिनियम और प्रशासनिक नियमों का पालन किए बिना अतिरिक्त प्रभार और अन्य प्रशासनिक निर्णय लिए जा रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित अधिकारियों का पक्ष भी सामने आया है।

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हाल ही में जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी आदेश क्रमांक 70370/स्थापना/मॉनिटरिंग/2026 को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। आदेश में सीईओ जिला पंचायत के अनुमोदन के बाद शैलेन्द्र सिंह चौहान, उच्च प्रभार, संदीपनी हाईस्कूल पथरौला को मझौली विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) का प्रभार सौंपे जाने का उल्लेख है। इस आदेश को लेकर कुछ लोगों ने वरिष्ठता और पात्रता के नियमों की अनदेखी किए जाने का आरोप लगाया है।

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इसी तरह जिला पंचायत के आदेश क्रमांक 4890/जि.पं./सचिव स्थापना/2026 के तहत ओमप्रकाश मिश्रा को बरहाई ग्राम पंचायत का अतिरिक्त प्रभार दिए जाने को लेकर भी विवाद सामने आया है। आरोप है कि यह आदेश संबंधित जनपद पंचायत के प्रस्ताव के बिना जारी किया गया। वहीं, निलंबित पंचायत सचिव आशीष सिंह द्वारा इस मामले को जबलपुर हाईकोर्ट में चुनौती दिए जाने और न्यायालय से स्थगन आदेश मिलने की बात भी सामने आई है। आरोप लगाने वालों का कहना है कि इसके बावजूद उन्हें अन्य ग्राम पंचायत में स्थानांतरित कर दिया गया।

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इन मामलों के सामने आने के बाद जिले में जिला पंचायत की प्रशासनिक कार्यप्रणाली और अतिरिक्त प्रभार दिए जाने की प्रक्रिया को लेकर बहस तेज हो गई है। आरोप लगाने वाले पक्ष का कहना है कि ऐसे मामलों में नियमों और निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए, जबकि प्रशासनिक स्तर पर इसे व्यवस्था संचालन का हिस्सा बताया जा रहा है। इससे पहले भी अतिरिक्त प्रभार से जुड़े मामलों की शिकायत मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचने की बात सामने आ चुकी है। सीईओ जिला पंचायत शैलेन्द्र सिंह सोलंकी ने कहा कि प्रभार देने का कार्य संबंधित विभाग के अधिकारी द्वारा किया जाता है। सीईओ का अनुमोदन केवल एक प्रशासनिक व्यवस्था का हिस्सा है।

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