शौर्य चक्र से सम्मानित निरीक्षक लक्ष्मण केवट एवं निरीक्षक रामेश्वर प्रसाद देशमुख का दुर्ग पुलिस द्वारा नागरिक अभिनंदन, साहस एवं कर्तव्यनिष्ठा को किया गया सम्मानित

Edited By Vandana Khosla, Updated: 15 Jun, 2026 06:24 PM

durg police accorded a civic reception to shaurya chakra awardees inspector laxm

दुर्ग (पुष्पेंद्र सिंह): आज दिनांक 15 जून 2026 को पुलिस लाइन दुर्ग स्थित सभागार में शौर्य चक्र से सम्मानित निरीक्षक लक्ष्मण केवट एवं निरीक्षक रामेश्वर प्रसाद देशमुख के सम्मान में नागरिक अभिनंदन एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में...

दुर्ग (पुष्पेंद्र सिंह): आज दिनांक 15 जून 2026 को पुलिस लाइन दुर्ग स्थित सभागार में शौर्य चक्र से सम्मानित निरीक्षक लक्ष्मण केवट एवं निरीक्षक रामेश्वर प्रसाद देशमुख के सम्मान में नागरिक अभिनंदन एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर), अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण), नगर पुलिस अधीक्षक, पुलिस विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी, प्रबुद्ध नागरिक एवं पुलिस परिवार के सदस्य उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान दोनों अधिकारियों को उनके उत्कृष्ट साहस, वीरता, नेतृत्व क्षमता एवं नक्सल विरोधी अभियानों में दिए गए उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया। उपस्थितजनों ने दोनों अधिकारियों के अनुभवों को सुना तथा उनके संघर्षपूर्ण एवं प्रेरणादायक सेवाकाल के प्रति सम्मान व्यक्त किया।

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शौर्य चक्र का महत्व :

शौर्य चक्र भारत का शांति काल में प्रदान किया जाने वाला तीसरा सर्वोच्च वीरता पुरस्कार है। यह सम्मान उन सैन्य, अर्धसैनिक एवं पुलिस अधिकारियों तथा नागरिकों को प्रदान किया जाता है जिन्होंने असाधारण साहस, अदम्य वीरता, कर्तव्यनिष्ठा एवं जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में उत्कृष्ट पराक्रम का परिचय दिया हो। यह अलंकरण राष्ट्र के प्रति समर्पण, बहादुरी और सर्वोच्च सेवा भावना का प्रतीक माना जाता है।

निरीक्षक लक्ष्मण केवट का जीवन परिचय :

निरीक्षक लक्ष्मण केवट का जन्म 01 जुलाई 1986 को मनेन्द्रगढ़ में हुआ। उन्होंने 12 अप्रैल 2007 को जिला सूरजपुर में आरक्षक के पद पर पुलिस सेवा प्रारंभ की। अगस्त 2012 में उप निरीक्षक पद पर पदोन्नत होकर जिला बीजापुर में पदस्थ हुए तथा नवंबर 2014 में निरीक्षक पद पर पदोन्नति प्राप्त की।

उन्होंने वर्ष 2012 से 2017 तक बीजापुर, वर्ष 2017 से 2022 तक राजनांदगांव तथा वर्ष 2022 से वर्तमान तक जिला कांकेर में अपनी सेवाएं दी हैं। वर्तमान में वे थाना प्रभारी पखांजूर के पद पर कार्यरत हैं।

नक्सल विरोधी अभियानों में उन्होंने 40 सफल मुठभेड़ों में सक्रिय सहभागिता निभाई तथा विभिन्न अभियानों में 97 नक्सलियों के शव बरामद करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके उत्कृष्ट एवं साहसिक योगदान के लिए उन्हें 01 शौर्य चक्र, 06 पुलिस वीरता पदक, 01 केंद्रीय गृह मंत्री दक्षता पदक, 03 सीआरपीएफ महानिदेशक प्रशस्ति डिस्क, 01 बीएसएफ महानिदेशक कमेंडेशन रोल एवं 01 आउट ऑफ टर्न पूर्ण पदोन्नति से सम्मानित किया जा चुका है।

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निरीक्षक रामेश्वर प्रसाद देशमुख का जीवन परिचय :

निरीक्षक Ramेश्वर प्रसाद देशमुख का जन्म 01 अप्रैल 1986 को हुआ तथा उनका गृह ग्राम झोला, जिला दुर्ग है। उन्होंने 18 जून 2007 को जिला दंतेवाड़ा में आरक्षक के पद पर पुलिस सेवा प्रारंभ की। अगस्त 2012 में उप निरीक्षक पद पर पदोन्नति प्राप्त कर जिला बीजापुर में पदस्थ हुए तथा जुलाई 2015 में निरीक्षक पद पर पदोन्नत हुए।

उन्होंने वर्ष 2012 से 2018 तक बीजापुर, वर्ष 2018 से 2022 तक राजनांदगांव तथा वर्ष 2022 से वर्तमान तक जिला कांकेर में अपनी सेवाएं प्रदान की हैं। वर्तमान में वे थाना प्रभारी भानुप्रतापपुर के पद पर पदस्थ हैं।

नक्सल विरोधी अभियानों में उन्होंने 25 सफल मुठभेड़ों में सक्रिय सहभागिता निभाई तथा विभिन्न अभियानों में 58 नक्सलियों के शव बरामद करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनकी वीरता एवं उत्कृष्ट सेवा के लिए उन्हें 01 शौर्य चक्र, 02 पुलिस वीरता पदक, 01 केंद्रीय गृह मंत्री दक्षता पदक तथा 01 आउट ऑफ टर्न पदोन्नति से सम्मानित किया जा चुका है।

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पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल का उद्बोधन :

समारोह को संबोधित करते हुए पुलिस अधीक्षक श्री विजय अग्रवाल ने कहा कि शौर्य चक्र जैसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त करना किसी भी पुलिस अधिकारी के लिए अत्यंत गौरव की बात है। निरीक्षक लक्ष्मण केवट एवं निरीक्षक रामेश्वर प्रसाद देशमुख ने अत्यंत विषम परिस्थितियों में कार्य करते हुए अदम्य साहस, धैर्य, नेतृत्व क्षमता एवं कर्तव्यनिष्ठा का परिचय दिया है।

उन्होंने कहा कि दोनों अधिकारियों की उपलब्धियां केवल व्यक्तिगत उपलब्धियां नहीं हैं, बल्कि संपूर्ण छत्तीसगढ़ पुलिस एवं दुर्ग जिले के लिए गर्व का विषय हैं। इनके कार्य युवा पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं तथा यह संदेश देते हैं कि समर्पण, अनुशासन, साहस एवं राष्ट्रसेवा की भावना से किया गया कार्य सदैव सम्मान प्राप्त करता है।

पुलिस अधीक्षक ने उपस्थित पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों से आह्वान किया कि वे भी जनता की सुरक्षा, कानून व्यवस्था एवं राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पूरी निष्ठा एवं ईमानदारी से अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें।

 

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