Edited By Himansh sharma, Updated: 21 Mar, 2026 02:00 PM

मध्य प्रदेश के मंडला में इस बार ईद का माहौल आम ईद से बिल्कुल अलग नजर आया।
मंडला (अरविंद सोनी): मध्य प्रदेश के मंडला में इस बार ईद का माहौल आम ईद से बिल्कुल अलग नजर आया। खुशियों और जश्न के इस पर्व पर शिया मुस्लिम समुदाय के लोगों ने काली पट्टी बांधकर ईद की नमाज़ अदा की। नमाज़ के दौरान लोगों ने नए कपड़ों की जगह पुराने कपड़े पहनकर विरोध और शोक का संदेश दिया। सामान्य तौर पर ईद के दिन जहां मुस्कान और उत्साह देखने को मिलता है, वहीं इस बार नमाज़ अदा करने आए लोगों के चेहरों पर मायूसी और आक्रोश साफ दिखाई दिया।
समुदाय के लोगों का कहना है कि दुनिया में जो हालात बने हुए हैं, उससे वे आहत हैं और इसी वजह से उन्होंने यह प्रतीकात्मक विरोध दर्ज कराया है।
नमाज़ के बाद मौलाना ने देशवासियों को ईद की मुबारकबाद दी और कहा कि उनके लिए हिंदुस्तान की सलामती और भलाई सबसे पहले है।
लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि उनके धार्मिक रहनुमा की जिस तरह से हत्या की गई है, उससे पूरे शिया समुदाय में गहरा दुख और आक्रोश है। मौलाना ने बताया कि इसी दुख और विरोध को जताने के लिए समुदाय के लोगों ने अपने बाजुओं पर काली पट्टी बांधकर नमाज़ अदा की है।
उन्होंने कहा कि यह केवल शोक का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह संदेश भी है कि उनके रहनुमा अकेले नहीं हैं, बल्कि पूरी कौम उनके साथ खड़ी है।
मंडला में ईद के मौके पर इस तरह का शांतिपूर्ण विरोध लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। जहां एक ओर ईद की मुबारकबाद दी जा रही है, वहीं दूसरी ओर दुनिया के हालात को लेकर गहरी पीड़ा और आक्रोश भी देखने को मिल रहा है।