कायम रहेगा अनूपपुर का मिथक ! बिसाहूलाल के सामने कमजोर पड़ा दलबदल का फैक्टर

Edited By meena, Updated: 29 Oct, 2020 05:57 PM

factor of defection weakened in front of bisahulal

जैसी उम्मीद जताई जा रही थी, ठीक वैसे ही विधानसभा उपचुनाव में मंत्री बिसाहूलाल का प्रदर्शन देखने को मिल सकता है। आलम कुछ यह है, कि इस चुनावी समर में अनूपपुर विधानसभा सीट एक ऐसी सीट के तौर पर उभरकर सामने आई है, जहां दलबदल का फैक्टर नाममात्र को देखने...

अनूपपुर: जैसी उम्मीद जताई जा रही थी, ठीक वैसे ही विधानसभा उपचुनाव में मंत्री बिसाहूलाल का प्रदर्शन देखने को मिल सकता है। आलम कुछ यह है, कि इस चुनावी समर में अनूपपुर विधानसभा सीट एक ऐसी सीट के तौर पर उभरकर सामने आई है, जहां दलबदल का फैक्टर नाममात्र को देखने को मिल रहा है, अगर ऐसा होगा तो यहां पर कांग्रेस का नुकसान और भाजपा का फायदा होना लगभग तय है।
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आखिर क्यों बदली है हवा ?
अनूपपुर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा की तरफ से सक्रिय और बिसाहूलाल का प्रचार कर रहे रूपेश शुक्ला से जब इस विषय में सवाल किया गया, तो उनका कहना था कि यह क्षेत्र एक तरह से बिसाहूलाल का ही क्षेत्र है, यहां पुलिस चौकी से लेकर अस्पताल और कॉलेज से सड़क बिजली जैसी मूलभूत और बुनियादी सुविधाएं बिसाहूलाल के नेतृत्व में ही आई है। यही कारण है, कि 15 साल तक शिवराज सरकार में भी उनकी कुर्सी पर कभी भी कोई खतरा नहीं रहा और वह हमेशा अपने चेहरे के दम पर चुनाव जीतते रहे, संभवत: आने वाले समय में भी यह देखने को मिल सकता है और बिना किसी राजनीतिक फैक्टर के वह आगामी उपचुनाव में बेहतरीन प्रदर्शन कर सकते हैं। 
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अनूपपुर से पुराना साथ
अनूपपुर विधानसभा सीट से बिसाहूलाल सन 1980 में पहली बार विधायक चुनकर आए थे। अब तक के उनके प्रदर्शन पर गौर करें, तो वह इस सीट से कुल 8 बार चुनाव लड़ चुके हैं और इस दौरान उन्होंने 5 चुनाव जीते और 3 चुनाव में उनको हार नसीब हुई। बिसाहूलाल इस बार पहली बार भाजपा की  तरफ से चुनावी मैदान में है।

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